अम्बेडकरनगर: किछौछा में स्थित संत श्री बाबा कमला पंडित ब्रह्मदेव जी मंदिर एकमात्र ऐसा प्रसिद्ध दिव्य दरबार है, जहां पर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के निमित्त हर जाति-धर्म व संप्रदाय के मानने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।
वैसे तो इस दरबार में आस्था, भक्ति तथा इस मंदिर के प्रति प्रेम भक्तों मे हमेशा नज़र आता है कारण सिर्फ एक है वो है बाबा ब्रह्मदेव की अपने भक्तों के लिए अपार कृपा जिनसे उनके कष्टों का निवारण होने में राम बाण साबित होता है,अम्बेडकर नगर का यह एक एक मात्र प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ सभी जाति धर्म व संप्रदाय के लोग आते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बाबा के दरबार लंगोट, खड़ाऊ, जनेऊ, साल, चादर इत्यादि का चढ़ावा चढ़ाते हैं ।
हम बात कर रहे हैं। अकबरपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर पूर्व नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के तपोस्थली एवं समाधि स्थल संत श्री कमला बाबा ब्रह्मदेव के मंदिर पर जहाँ साल के लगभग हर महीने भक्त का आवागमन होता रहता है और कोई न कोई कार्यक्रम भी चलता है रहता है इसी कड़ी मे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरम्भ 08 मार्च 2024 हुआ और इसी विशेष दिन के उपलक्ष्य मे श्री कमला बाबा देवस्थान मंदिर पर (49 वर्षों से जीर्णोद्धार मंदिर के संस्थापक व पूर्व मंदिर के महंत स्वामी श्रीसंत प्रसाद के द्वारा सन 1975 ई. से प्रत्येक वर्ष होता चला आ रहा है) 49 वां अखंड श्री रामायण पाठ का शुरुआत हुआ था जो की लगातार 06 दिनों तक चलता है इस बीच गांव के तथा आस पास के गाँव के लोग आकर रामायण पाठ का पाठन तथा श्रवण करते हैं, रसूलपुर गांव के निवासीजयराम, विश्वनाथ निषाद, विक्रम तथा राम रामअज्ञा निषाद ने रात में कई कई घंटे लगातार अपने मधुर आवाज से लोगों को श्री रामायण श्रवण कराने का आनंद प्राप्त कराते हैं
संत श्री कमला बाबा देवस्थान के महंत परिवार के सभी लोग भगवान भोले नाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों को जलाभिषेक, पूजन ,अर्चन करके सभी देशवासियों के सुख समृद्धि व विश्व शांति के लिए भोले नाथ जी प्रार्थना करते हैं तत्पश्चात पूरे दिन ग्राम वासियों एवं दूर -दराज से आये भक्तों द्वारा पूजा – अर्चना किया। मंदिर के महंत स्वामी राम नयन दास जी ने जिसकी जानकारी दी
श्री अखंड रामायण पाठ के छठे व अंतिम दिन 13 मार्च 2024 को संत श्री कमला ब्रह्मदेव मंदिर ट्रस्ट के तरफ से हवन ,आरती ,तथा प्रसाद वितरण के साथ साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे आरती के समय उपस्थित होने वाले सभी भक्त तथा ग्राम वासी ,विशाल भंडारे को प्रसाद के रूप ग्रहण करते हैं।






