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झूठ की गोलियां, फर्जी बम धमकी और दहशत का नेटवर्क: आखिर कौन बना रहा ‘अफवाहों का वार जोन’?

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अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर- मान्यता प्राप्त पत्रकार) जनपद में अफवाहों का जाल अब खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। मंगलवार को डायल 112 पर एक सनसनीखेज सूचना दी गई कि नगर पालिका अकबरपुर अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश वर्मा की गाड़ी पर 4-5 अज्ञात व्यक्तियों ने गोली चला दी है। इस खबर के बारे में इंस्ट्राग्राम पर सीओ सिटी नीतीश कुमार का बयान इसको टच कर के सुनें। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और थाना कोतवाली अकबरपुर पुलिस टीम तत्काल हरकत में आई। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने गहन जांच की, तो पूरा मामला फर्जी निकला। कहीं भी गोलीकांड जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने साफ तौर पर कहा कि “यह सूचना पूरी तरह भ्रामक और असत्य है, ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई।”


इससे पहले सोमवार को अकबरपुर पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट सेंटर को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल भी मिला था। इस खबर से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। पुलिस व एलआईयू टीम ने घंटों सघन चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बाद में यह मामला भी फर्जी निकला। इस खबर की वीडियो फेसबुक पर देखने के लिए 💐 इसे टच करें
यही नहीं, हाल ही में टांडा नगर निवासी एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी की हत्या की झूठी खबर भी तेजी से फैली थी, जिसे समय रहते प्रशासन ने खारिज कर हालात काबू में किए।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या कोई संगठित गिरोह जनपद में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा है?
क्या यह प्रशासनिक संसाधनों को भटकाने की सोची-समझी चाल है?
या फिर सोशल मीडिया और फर्जी कॉल के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश है। एक के बाद एक अफवाह—सिर्फ शरारत या गहरी साजिश की आशंका से जहां प्रशासन सतर्क नज़र आ रहा है वहीं संभ्रांत व आमजनों में कहीं ना कहीं भय भी नज़र आ रहा है।
प्रशासनिक मेल पर सरकारी संस्थाओं को बम से उड़ाने की धमकी व आपातकालीन सेवा डायल 112 पर झूठी सूचना देना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे वास्तविक आपात स्थिति में मदद प्रभावित होती है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति अब कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
टाण्डा व अकबरपुर में “फर्जी गोलीकांड” से लेकर “बम धमकी” तक की घटनाएं साफ इशारा कर रही हैं कि कोई अदृश्य नेटवर्क लगातार दहशत का माहौल बनाने में जुटा है। अब जरूरी है कि पुलिस इन अफवाहबाजों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करे, ताकि जनपद में भय नहीं बल्कि भरोसे का माहौल कायम रह सके।

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