अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर- मान्यता प्राप्त पत्रकार) जनपद को नई कप्तान मिलते ही पुलिसिंग का तेवर बदलता नजर आ रहा है। 2017 बैच की तेजतर्रार आईपीएस प्राची सिंह ने जिले में कदम रखते ही साफ कर दिया कि अब अपराध और लापरवाही दोनों पर सख्त प्रहार होगा। जिले में आगमन के तुरंत बाद उन्होंने औपचारिकता छोड़ सीधे एक्शन का रास्ता अपनाया। सिविल ड्रेस में बिडहर घाट पहुंचकर 17 लाख की लूट के घटना स्थल का निरीक्षण किया और मौके पर ही कई टीमें गठित कर दीं। उनके इस अचानक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।

कार्यालय के पहले दिन सोमवार को पुलिस लाइन पहुंचने पर उन्हें गार्द द्वारा सलामी दी गई, लेकिन इसके बाद उन्होंने सीधे कार्यालय में आमजन की समस्याएं सुनीं। फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।

इसके बाद रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दो टूक कहा— “अपराध पर नियंत्रण और त्वरित न्याय हमारी प्राथमिकता है। रोजाना समीक्षा होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“लेडी सिंघम” की पहचान—अपराधी ही नहीं, भ्रष्ट पुलिसकर्मी भी खौफ में
प्राची सिंह की छवि सिर्फ अपराधियों के लिए ही नहीं, बल्कि विभाग के भीतर भ्रष्टाचार करने वालों के लिए भी सख्त मानी जाती है। जिस जिले में उनकी तैनाती होती है, वहां अपराधियों के साथ-साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों में भी डर का माहौल बन जाता है।
शिक्षा, संघर्ष और पहली कोशिश में IPS
कानपुर में जन्मी और फतेहपुर की मूल निवासी प्राची सिंह ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से LLB व नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, भोपाल से LLM की पढ़ाई की है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC पास कर 154वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बनीं।
कैरियर में सख्ती और चर्चित कई फैसले से मीडिया की सुर्खियों में आईं, सिद्धार्थनगर में एसपी रहते हुए सख्त कार्यशैली से चर्चा में रहीं वहीं लखनऊ में क्राइम कंट्रोल और स्पा रेड को लेकर सुर्खियां बटोरीं तथा श्रावस्ती में एसपी रहते हुए अपराधियों पर कड़ा शिकंजा और उन्हें 2024 में प्लेटिनम कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया।लेडी सिंघम के रूप में पहचान बनाने बाली प्राची सिंह को घुड़सवारी, पैराग्लाइडिंग और समाचार पढ़ने का शौक है लेकिन उनकी असली पहचान है—महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है जो उनके कार्यकाल के दौरान दिखाई पड़ती है।
SP प्राची सिंह का साफ संदेश: “अपराध छोड़ो या जिला छोड़ो” अम्बेडकरनगर में पहली ही एंट्री के साथ प्राची सिंह ने संकेत दे दिया है कि अब जिले में “नो-नॉनसेंस पुलिसिंग” लागू होगी।
अपराधियों के लिए साफ संदेश—अब बचना मुश्किल है, भ्रष्ट सिस्टम के लिए चेतावनी—अब जवाबदेही तय होगी। एसपी प्राची सिंह ने राजस्व मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप को अवैध करार देते हुए कहा कि राजस्व विभाग से अच्छा सम्बन्ध स्थापित कर विवादित मामलों को हल किया जाएगा।
लेडी सिंघम के इस तेवर से साफ है कि अम्बेडकरनगर में अब कानून का राज दिखेगा, सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर भी नज़र आएगा। प्राची सिंह की प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों की भी भारी भीड़ जुटी रही वहीं क्षेत्र में उनके सख्त लेडी सिंघम स्टाइल की भी खूब चर्चाएं हो रही है।
(नोट: आईपीएस प्राची सिंह के जीवन के संबधित जानकारियां गूगल से प्राप्त की गई है, सत्य असत्य से सूचना न्यूज़ टीम का कोई वास्ता नहीं है।)








