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अप्रैल की तपिश में ‘आग का इम्तिहान’, जल जीवन मिशन का गोदाम बना लपटों का शिकार—लापरवाही या साजिश?

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अम्बेडकरनगर: अप्रैल के तीसरे सप्ताह में पड़ रही भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच बसखारी क्षेत्र के पास स्थित जल जीवन मिशन का गोदाम अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। तेज़ धूप और गर्म हवाओं के चलते प्लास्टिक की पाइपों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया।

यह गोदाम ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए रखी सामग्री का प्रमुख केंद्र था। आग लगते ही स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज़ हवाओं और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग पर काबू पाना आसान नहीं था।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद स्थिति नियंत्रित हुई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन लाखों रुपये की पाइप जलकर खाक हो गईं, जिससे सरकारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गोदाम के पास नाले में जलाई गई झाड़ियों की चिंगारी हवा के साथ उड़कर गोदाम तक पहुंची, जिससे आग भड़क उठी। हालांकि, घटना को लेकर साजिश की आशंका से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा रहा है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारी हर पहलू—चाहे लापरवाही हो या किसी तरह की साजिश—की गहनता से जांच कर रहे हैं। इस घटना ने भीषण गर्मी के बीच सरकारी परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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