अम्बेडकरनगर: जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिला की मौत होने से हड़कंप मच गया। मृतका के पति ने जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर व उनके सहायक स्टाफ पर घोर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेराज अहमद पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी मोहल्ला मीरानपुर रसूलाबाद, फैजाबाद रोड, थाना कोतवाली अकबरपुर ने दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पत्नी नाज़िश को 16 जनवरी की रात संयुक्त जिला अस्पताल अम्बेडकरनगर में भर्ती कराया गया था, जहां नॉर्मल डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।
परिजनों का आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अंजनी पाठक तथा उनके सहायक स्टाफ नीतू गुप्ता व प्रीति सिंह द्वारा शिकायतों के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते उचित इलाज नहीं मिला। परिजनों का यह भी कहना है कि नॉर्मल डिलीवरी के बावजूद महिला के टांकों में 12 से 15 टांके लगाए गए, जिसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई।
आरोप है कि डॉक्टर और सहायक स्टाफ की लापरवाही के कारण महिला की हालत गंभीर होती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
पीड़ित पति ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर व सहायक स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि यदि समय रहते सही इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।




