अम्बेडकरनगर: इस्लाम धर्म के पवित्र ग्रन्थ कुरआन को कंठस्थ याद करने वाले को हाफिज कहते हैं जिनका इस्लाम धर्म काफी बड़ा स्थान माना जाता है। सम्पूर्ण कुरआन को मात्र डेढ़ वर्ष में कंठस्थ याद करने वालों की संख्या बहुयात है लेकिन जब हाफिज की आयु सिर्फ 11 वर्ष हो तो अचम्भा अवश्य होता है।
टांडा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह कस्बा पूरब में संचालित मदरसा ऐनुल उलूम में कुरआन की शिक्षा देने वाले उस्ताद हाफिज मसूद के नेतृत्व में 11 वर्षीय मोहम्मद मुज़म्मिल पुत्र हाफिज मो. अमीन निवासी दौलतपुर क़ाज़ी टांडा ने मात्र डेढ़ वर्ष में कुरआन पाक कंठस्थ किया है। गत दिनों मदरसा प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में हाफिज मो.मुज़म्मिल की दस्तार बांध कर उपाधि भेंट किया। मदरसा प्रबंधक मौलान अदील अहमद सहित सभी शिक्षकों, सहपाठियों आदि ने मुबारकबाद पेश किया। श्री मुज़म्मिल व उनके परिजनों को लगातार मुबारकबाद मिल रही है।11 वर्षीय मुज़म्मिल सिर्फ डेढ़ वर्ष में बने हाफिजे कुरआन – मुबारकबाद का दौर जारी





