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बिना इजाजत अंबेडकर प्रतिमा के बाद खाकी पर गिरी गाज—IPS प्राची सिंह का अल्टीमेटम, कहा लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं, तय होगी जवाबदेही

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अम्बेडकरनगर: नवागत एसपी महिला सिंघम आईपीएस प्राची सिंह ने कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों सहित विभाग पर भी नकेल कसने का काम शुरू कर दिया है। एसपी प्राची सिंह ने साफ तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि “लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं, तय होगी जवाबदेही”
महरुआ थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में अंबेडकर जयंती के मौके पर एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे प्रशासनिक सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई और देखते ही देखते माहौल श्रद्धा से संवेदनशील टकराव में बदल गया। गांव में लंबे समय तक तनाव और विवाद की स्थिति बनी रही, जिसे संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।


इस पूरे मामले को गंभीर चूक मानते हुए IPS प्राची सिंह ने तत्काल सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गाज गिरा दी। महरुआ थाने में तैनात उपनिरीक्षक पूनम और सिपाही अधनी यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह साफ सामने आया कि स्थानीय स्तर पर सतर्कता की भारी कमी रही, जिसके कारण इतनी संवेदनशील घटना बिना रोक-टोक के घटित हो गई। मामला यहीं नहीं रुका। इस घटनाक्रम ने खुफिया तंत्र की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU), जिसका काम पहले से इनपुट देकर ऐसी स्थितियों को रोकना होता है, इस लापरवाही को देखते हुए LIU के उपनिरीक्षक रामसूरत के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
IPS प्राची सिंह ने साफ और सख्त संदेश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष निगरानी और सतर्कता बरती जा रही है।
यह मामला सिर्फ एक प्रतिमा स्थापना का नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का प्रतीक बन गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस सख्ती का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि अब लापरवाही पर सीधा एक्शन ही नया नियम बनने जा रहा है।

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