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मौत बन गई टूटी सड़क: प्लाई से लदा ई-रिक्शा पलटने से 10 साल के मासूम की दर्दनाक मौत, सिस्टम की लापरवाही फिर बेनकाब!

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अम्बेडकरनगर: बदहाल सड़कों का खामियाजा एक और मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। मालीपुर थाना क्षेत्र के खजूरी-करौंदी मार्ग पर बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय बालक की दबकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की घोर लापरवाही का आईना बन गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार कालेपुर महुवल निवासी 10 वर्षीय आकाश, पुत्र मनोज, अपनी मां के साथ घर के काम के लिए प्लाई लदी ई-रिक्शा से वापस लौट रहा था। जैसे ही ई-रिक्शा खजूरी-करौंदी के पास पहुंचा, सड़क की जर्जर हालत ने उसे मौत के मुंह में धकेल दिया। गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।
हादसा इतना भयावह था कि मासूम आकाश ई-रिक्शा के नीचे दब गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत-बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी—मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही मालीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक टूटी सड़कों की वजह से निर्दोष जिंदगियां यूं ही कुचली जाती रहेंगी?
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि इस सड़क की बदहाली की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी हैं। अब एक मासूम की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा—यह देखने वाली बात होगी।
सवाल बड़ा है कि क्या इस मौत का जिम्मेदार सिर्फ हादसा है, या फिर वो सिस्टम जो समय रहते सड़कों को ठीक नहीं कर पाया?

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