अम्बेडकरनगर में घाघरा नदी ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। टाण्डा तहसील क्षेत्र के कई गांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रशासनिक मदद की आस लगाए बैठे ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर दहशत में है। तटीय इलाकों में नदी का पानी पहुंचने से कई गांव का संपर्क भी टूट गया है लोग नांव के सहारे आवागमन कर रहे है।
यूपी के कई जिलों में उफनाती नदियां अपना रौद्र रूप दिखा रही है। कहीं कई गांव जलमग्न हो गए तो कहीं कई गांवों का संपर्क टूट गया तो कई जगह लोग बेघर हो गए। बाढ़ की विभीषका झेल रहे लोगों को अब सिर्फ और सिर्फ प्रशासनिक मदद की आस है। (इसे टच कर सुनें ग्रामीणों की पूरी बात—) अम्बेडकरनगर से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी भी अपने पूरे उफान पर है। लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर को देखकर ग्रामीण दहशत में है। टाण्डा तहसील क्षेत्र के अवसानपुर मांझा, सुंदर का पूरा, चौहान का पूरा, हरामीगंज समेत करीब आधा दर्जन गांव तक नदी का पानी पहुंच गया है। मांझा क्षेत्र में बसे कई घर कटान की वजह से नदी में समा गए। तो कई गांवों का संपर्क टूट गया। अपने खेतों तक या फिर बाजारों तक पहुंचने के लिए लोगों को अब नांव का सहारा लेना पड़ रहा है। इतना ही नही जानवरो के चारे के लिए भी लोग नांव से लंबा सफर करने के लिए मजबूर है। बेघर हुए लोग अब दूसरों की जमीन पर छप्पर डालकर इस उम्मीद से जीवन-यापन कर रहे है कि उन तक एक न एक दिन प्रशासनिक मदद जरूर पहुंचेगी। अवसानपुर के राम प्रसाद चौहान, बदामा, जितेंद्र निषाद, गप्पू यादव आदि ने मदद की गोहार लगाई है।
घाघरा के रौद्र रूप से भयभीत ग्रामीणों ने लगाई मदद की गोहार


