अम्बेडकरनगर। घाघरा-सरयू नदी अब खतरे की दहलीज पर पहुंच गई है। टांडा पम्प नहर, महरीपुर में बुधवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 85.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 85.56 मीटर है। यानी उफनती नदी खतरे के निशान से सिर्फ एक सेंटीमीटर नीचे रह गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती और निचले इलाकों पर खतरे की घंटी बजने लगी है। 
घाघरा का बढ़ता पानी अब किसी भी वक्त खतरे का निशान छू सकता है। हालात को देखते हुए जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने जिलेवासियों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
डीएम ने साफ कहा है कि लोग नदी के किनारे, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे खतरनाक स्थानों से पूरी तरह दूर रखें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।
प्रशासन की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर है। नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन के रेस्क्यू और निकासी संबंधी निर्देशों का तत्काल पालन करने की भी अपील की गई है।
एक सेंटीमीटर का फासला… और सामने खतरे का निशान। घाघरा-सरयू के तेवर लगातार तल्ख हैं। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वालों को अब अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।





