अम्बेडकरनगर: कान्हा गौशालाओं में भ्र्ष्टाचार चरम पर है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर कमीशन की छाया पड़ गया। मुख्यमंत्री के सबसे बड़ी प्रोजेक्ट कान्हा गौशाला में जमकर कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। बिना 150 रुपये सुविधा शुल्क दिए हुए कोई भी आवारा पशुओ की एंट्री नहीं हो सकती है। गौशाला में इंट्री फीस वही है जो यहां तैनात कर्मी कहेगा। मजे की बात तो यह है कि गौशाला में लगे कर्मचारी ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव तक के नाम पर कमीशन वसूली कर रहा है।
बताते चलें विकास खण्ड टांडा के भड़सारी गौशाला में इन दिनों यहां पर तैनात कर्मियों द्वारा आवारा पशुओं व घर के पशुओं को गौशाला में छोड़ने के नाम पर 150 रुपये प्रति यूनिट तय कर दिया गया है। 150 रुपया की सुविधा शुल्क ना देने पर गेट नहीं खोला जाता है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों द्वारा बृहस्पतिवार को सुबह दो आवारा पशुओं को गौशाला में लेकर गए जहां दोनों पशुओं के इंट्री के नाम पर प्रति यूनिट 150 रुपये की वसूली की गई। गौशाला में तैनात कर्मियों द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के कहने पर यह ले रहे हैं, अगर नहीं दोगे तो फिर यह दोनों पशुओं को ले कर जाओ। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि यह आवारा पशु गन्ने धान की फसल को बर्बाद कर रहे है, किसी तरह से पकड़कर पशुशाला में लेकर आए तो यहां भी कमीशन कमीशन खेला जा रहा है।
बहरहाल पशुशाला में आवारा पशुओं को छोड़ने के लिए जब ग्रामीण सामने आने लगे हैं तो पशुशाला में तैनात कर्मियों द्वारा अवैध रूप से धन उगाही शुरू कर दी गई है जिससे आक्रोश व्याप्त है।




