अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: गोपाल सोनकर जलालपुर) सरकारी आंगनवाड़ी कार्यकत्री भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने राजस्व विभाग के लेखपालों की मिलीभगत से फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर खुद को गरीबी रेखा के नीचे (BPL) वर्ग में दर्शाया और अनुचित रूप से चयनित हो गईं। इससे कई वास्तविक पात्र अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए।
इस संबंध में दर्जनों अभ्यर्थियों ने जलालपुर के पूर्व उपजिलाधिकारी पवन कुमार जायसवाल, वर्तमान उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को शिकायत पत्र देकर गड़बड़ी की जांच कर फर्जी नियुक्तियों को रद्द करने की मांग की थी।लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को जांच का आदेश दिया। जिस पर उपजिलाधिकारी ने तहसीलदार गरिमा भार्गव को निर्देश देकर नायब तहसीलदार की अगुवाई में जांच कराई। जांच में सामने आया कि एक ही सप्ताह में जैतपुर निवासी अनीशा देवी पत्नी विकास के नाम से दो अलग-अलग तिथियों में आय प्रमाण पत्र जारी किए गए –
पहला 3 जनवरी 2025 को (46 हजार रुपये आय) और दूसरा 8 जनवरी 2025 को (42 हजार रुपये आय), यह अंतर गड़बड़ी की पुष्टि करता है।
इसी प्रकार, साहबतारा, जलालपुर निवासी शालिनी जायसवाल पत्नी अभिषेक जायसवाल को 1 जनवरी 2025 को
42 हजार आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया, जबकि रंजना पत्नी उमेश यादव को 28 अक्टूबर 2024 को 42 हजार का प्रमाण पत्र जारी हुआ। सभी मामलों में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर तहसील प्रशासन ने इन आय प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया है। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार ने समस्त प्रकरण की रिपोर्ट बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को भेज दी है। मामले में सीडीपीओ शेषनाथ वर्मा ने बताया कि “जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है।”
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि दोषी लेखपालों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाए साथ ही साथ अन्य शिकायतों पर भी कार्रवाई करते हुए पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्त किया जाए।




