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पूर्व कैबिनेट मंत्री व रालोद के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर मसूद ने थामा कांग्रेस का झंडा

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लखनऊ/अम्बेडकरनगर: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सहप्रभारी धीरज गुर्जर ने राष्ट्रीय लोकदल के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट शिक्षा मंत्री डॉक्टर मसूद अहमद सहित राष्ट्रीय लोकदल व समाजवादी पार्टी के सैकड़ों समर्थकों को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलायी तथा कांग्रेस पार्टी का गमछा पहनाकर, बुके देकर स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद डा0 पीएल पुनिया, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह, प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह, अनिल यादव, मीडिया संयोजक अशोक सिंह, ललन कुमार, प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय, अंशू अवस्थी, विकास श्रीवास्तव, सचिन रावत, जियाउर्रहमान आदि उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने बताया कि डा0 मसूद अहमद एवं उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाने के उपरान्त धीरज गुर्जर ने कहा कि देश व प्रदेश में अब अल्पसंख्यक, दलित समझ चुके हैं कि कांग्रेस ही भाजपा का एकमात्र विकल्प है। डा0 मसूद अहमद और उनके समर्थकों के आने से कांग्रेस को ताकत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, महंगाई ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये है लेकिन मोदी सरकार और भाजपा जानबूझकर आमजन की कमरतोड़ रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अच्छे दिनों के लिए भाजपा को वोट किया था लेकिन अब युवा और छात्र पुराने दिनों को याद कर रहें हैं। श्री गुर्जर ने कहा कि भाजपा ने युवाओं, छात्रों और किसानो केे साथ धोखा किया है।

पूर्व सांसद डा0 पीएल पुनिया ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के चंदे में भाजपा नेताओं और संघ से जुड़ें लोगों द्वारा किया घोटाला अभी थमा भी नहीं था कि भाजपा के विधायक, पूर्व विधायक और मेयर तथा अन्य लगभग 40 लोंगो द्वारा दिव्य और भव्य अयोध्या के नाम पर अरबों रूपये कीमत की सरकारी नजूल भूमि पर अवैध तरीके कब्जा कर कॉलोनियां बसाई जा रहीं हैं।

डा0 पुनिया ने आगे कहा कि जमथरा घाट से लेकर गोलाघाट तक जिस तरह से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है उससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार भू मफियाओं के साथ खड़ी है। भाजपा के ही सांसद द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार की चर्चा की जा रही है। स्पष्ट होता है कि इस सरकार के क्रिया कलापों से भाजपा के नेता भी काफी असन्तुष्ट हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने बताया कि रालोद के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष पूर्व शिक्षा मंत्री डा0 मसूद अहमद ने कांग्रेस का दामन थामने के उपरान्त सपा, बसपा, और रालोद को बीजेपी की बी टीम बताते हुए जनता के मुद्दों पर जानबूझकर मौन रहने का आरोप लगाया। डा0 मसूद अहमदन ने मुस्लिमों और दलितों से सपा, बसपा की अंधभक्ति छोड़ संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए कांग्रेस से जुड़ने का आवहन किया।

डा0 मसूद अहमद ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार और भाजपा आरएसएस की जनविरोधी नीतियों एवं तानाशाही रवैये के खिलाफ पूरे देश में सिर्फ राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ रहें हैं। अल्पसंख्यकों और दलितों को गुमराह कर वोट लेने वाले छोटे-छोटे क्षेत्रीय दल मौन हैं और बीजेपी के एजेण्डे को आगे बढ़ा रहें हैं। डा0 मसूद अहमद ने कहा कि अखिलेश यादव, मायावती, और जयंत चौधरी ईडी के भय से नहीं बोल रहें हैं और मौन रहकर भाजपा को समर्थन कर रहें हैं।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने प्रदेश में किसानों के साथ हो रहे अत्याचार, बेरोजगार नौजवानों, तथा बढ़ती महंगाई पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी, बिस्कुट, ब्रेड में बेतहाशा वृद्धि पर सरकार को घेरा। साथ ही पहली बार अनाज, दूध, दही, पर जीएसटी लगाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

सदस्यता ग्रहण करने वालों में राष्ट्रीय लोकदल के साबिर प्रधान, अंकुर सक्सेना, डा0 बाबू अली, डा0 शिवकुमार, राजा भैया, एहसान आजमी, जवाहर यादव, अफजल खां, शकील अहमद, जावेद खान वारसी सपा नेता, जाहिद खां, प्रो0 आफाक खान प्रमुख रहे।

बताते चलेंकि डॉक्टर मसूद मूल रूप से टांडा विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं और टांडा विधानसभा से ही विधायक रह चुके हैं। श्री मसूद राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष थे और गत दिनों उन्होंने पत्र लिखकर त्यागपत्र दे दिया था। श्री मसूद ने अपने पत्र में विभिन्न मुद्दों के साथ ये भी लिखा था कि “मेरे कई बार चेतावनी देने पर भी चंद्रशेखर रावण को अपमानित किया गया, जिससे नाराज होकर दलित वोट गठबंधन से टक्कर बीजेपी में चला गया और गठबंधन को नुकसान हुआ।” श्री मसूद ने रालोद सहित सपा पर भी निशाना साधा था। श्री मसूद बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता रहे और सपा बसपा गठबंधन में विधायक बने और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा था लेकिन टिकट ना मिलने से नाराज़ होकर कांग्रेस में चले गए थे और कांग्रेस के टिकट पर टांडा विधान सभा का चुनाव लड़े तथा कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता लिया और रालोद के प्रदेश अध्यक्ष बन गए थे।

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