अम्बेडकरनगर: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अंत्येष्टि स्थल निर्माण में अनियमितता को सोशल मीडिया पर उजागर करना एक स्वतंत्र पत्रकार को इतना महंगा पड़ा कि उसे ग्राम प्रधान और ठेकेदार ने पिस्टल की नोक पर बंधक बनाकर मौत की धमकी दे डाली।
स्वतंत्र पत्रकार सुयश कुमार मित्र पुत्र वीरेन्द्र कुमार मिश्र निवासी कण कादीपुर थाना मालीपुर ने बताया कि वह मंगलवार की सुबह करीब 10:48 बजे सबना तिवारीपुर (संमेरा घाट पुल) स्थित अंत्येष्टि स्थल पर निर्माण कार्य का जायजा लेने गए थे। इसी दौरान मौके पर मौजूद ठेकेदार और उसके साथियों ने उनसे कहा कि “तुम सोशल मीडिया पर अनियमितता की खबरें क्यों डाल रहे हो, सब डिलीट करो।”
पीड़ित के अनुसार, इसके तुरंत बाद ग्राम प्रधान सोनू सिंह ने फोन कर अरविंद नामक व्यक्ति को बुलाया। विपक्षियों ने पत्रकार का मोबाइल छीन लिया, पासवर्ड खुलवाया और पोस्ट, वीडियो व फोटो जबरन डिलीट करा दिए। जब उन्होंने विरोध किया, तो ग्राम प्रधान ने गाली-गलौज करते हुए उनका गला दबाकर लगभग 15 सेकंड तक हत्या करने की नीयत से दबाए रखा और धमकी दिया कि “इसी तरह तुम्हारी हत्या कर बोटी-बोटी काटकर नदी में फेंक दूंगा। दोबारा इधर दिखे तो अंजाम बुरा होगा।”
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उसे करीब 20 मिनट तक कनपटी पर पिस्टल सटाकर बंधक बनाकर रखा गया, जिससे वह किसी तरह बचकर निकले।उन्होंने थाने में दी गई लिखित शिकायत में ग्राम प्रधान सोनू सिंह, ठेकेदार सोनू सिंह और अरविंद को नामजद करते हुए जानलेवा हमला, धमकी, बंधक बनाना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सीधा प्रहार है। ग्रामीणों ने प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा डगमगा जाएगा।




