अम्बेडकरनगर: रूहानी इलाज़ के लिए पूरी दुनिया में मशहूर सैय्यद मखदूम अशरफ सिमनानी की दरगाह किछौछा शरीफ का वार्षिक ग़ुस्ल मुबारक पूर्व निर्धारित समयानुसार 17 मई शुक्रवार को प्रातः काल होना है। वार्षिक उर्स के अवसर पर देश के कोने कोने से भारी संख्या में जायरीनों के आने का सिलसिला जारी है।दो दिवसीय ग़ुस्ल मुबारक अवसर पर गुरुवार को जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ी रही। भीषण गर्मी के कारण जायरीनों में पीने के पानी को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई थी। ऐसे में पीरजादगाने इन्तेज़ामिया कमेटी के सक्रिय सदस्य व मखदूम अशरफ के वंशज सैय्यद खलीक अशरफ उर्फ खलीक मियां ने पूर्व की तरह आगे बढ़ कर बड़ी मात्रा में पानी व शर्बत का इंतेज़म किया गया।
दरगाह मखदूम अशरफ के निकट स्थित खानकाह ग़ौसुल आलम के पास से गुजरने वाले हजारों जायरीनों में पानी की पैकेट वितरित किया गया। सैय्यद खलीक अशरफ स्वयं पानी की पैकेट वितरण करते नज़र आए जिसकी दरगाह क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।बताते चलेंकि प्रसिद्ध खानकाह ग़ौसुल आलम से सैय्यद खलीक अशरफ द्वारा गर्मी के मौसम में प्रत्येक गुरुवार को पानी व शर्बत का वितरण किया जाता है। ग़ुस्ल मुबारक के मौके पर भारी भीड़ उमड़ने पर समुचित व्यवस्था ना होने की सूचना पर खानकाह ग़ौसुल आलम के पास से सैय्यद खलीक अशरफ द्वारा पांच हज़ार से अधिक पानी की पैकेट वितरित किया गया। श्री अशरफ ने दरगाह वासियों से अपील किया है कि जायरीनों के लिए जगह जगह पर ठंडे पानी की व्यवस्था करें क्योंकि प्रत्येक जायरीन मखदूम पाक का मेहमान है और मेहमानों की सेवा करना सुन्नत ए रसूल है।बहरहाल भीषण गर्मी के बीच जारी दरगाह किछौछा में वार्षिक ग़ुस्ल के दौरान भारी संख्या में जायरीनों की आमद हो रही है लेकिन भीड़ के अनुकूल पीने के पानी की समुचित व्यवस्था ना होने से जायरीनों को भटकना पड़ रहा है।




