कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम, कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन
अम्बेडकरनगर: मनरेगा का नाम बदलकर मोदी सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रभु श्रीराम का घोर अपमान किया है। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव, घर-घर जाकर जनता को जागरूक करेगी। यह बातें मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव अमित जायसवाल ने कही।
श्री अमित कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान जनपद के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मनरेगा मजदूरों को संबोधित कर रहे थे। अमित जायसवाल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) गांव स्तर पर हर हाथ को काम, शक्ति और आत्मनिर्भरता देने वाली योजना रही है, जिससे पलायन रुका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस योजना को जिले से लेकर दिल्ली तक की बंदरबांट का शिकार बना दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों को कमजोर करने तथा ठेकेदारों और पूंजीपतियों को मजबूत करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस इस जनविरोधी नीति के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस पीसीसी सदस्य डॉ. विजय शंकर तिवारी ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत मनरेगा बचाओ संग्राम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद अम्बेडकरनगर में कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया गया तथा उपवास रखा गया।
कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया महासचिव संजय तिवारी ने किया।
एआईसीसी सदस्य सैयद मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा देश के महापुरुषों का अपमान किया है। मनरेगा का नाम बदलना केवल बापू का ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का अपमान है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि जब तक मनरेगा का नाम और उसका मूल स्वरूप वापस नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन गांव स्तर तक जारी रहेगा।
हाउस अरेस्ट की निंदा
वाराणसी में हुए विशाल धरना-प्रदर्शन के मद्देनज़र जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य गुलाम रसूल छोटू, जिला कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा ‘बबलू’ सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की भी कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने इसे भाजपा सरकार की तानाशाही बताते हुए जनता और मनरेगा मजदूरों के प्रति अक्षम्य अपराध करार दिया।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उप्र किसान कांग्रेस सचिव संजय यादव, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष कादिर पठान, रितेश त्रिपाठी, धीरज यादव, शहदौन अली, महबूब आलम, शैलेंद्र यादव, सोहन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, मनरेगा मजदूर एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।




