अम्बेडकरनगर: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के निर्देश पर बीते सप्ताह पूरे प्रदेश में कोडीन युक्त औषधियों के गैर चिकित्सकीय दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी क्रम में जलालपुर के जफराबाद स्थित न्यू अब्बास फार्मा, जिसे नसीम हैदर पुत्र अब्बास अली संचालित करते हैं, पर भी छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने पाया कि न्यू अब्बास फार्मा द्वारा Codiva 100 ml (21-04-2024 से 22-02-2025 तक) कुल 21,630 शीशियाँ तथा Puroxowin Spas Cap (06-04-2024 से 22-02-2025 तक) कुल 532 बॉक्स की बिक्री दिखाई गई है। टीम द्वारा जब विक्रय अभिलेख मांगे गए तो फर्म द्वारा तत्काल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। विभाग ने तीन कार्यदिवस की मोहलत देते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। फर्म द्वारा दिए गए क्रय-विक्रय अभिलेखों की जांच हेतु ताहिर मेडिकल हॉल, एफएम मेडिकल स्टोर, जेहरा मेडिकल स्टोर, तन्वी मेडिकल स्टोर, रामा मेडिकल सेंटर, फार्मा मेडिकल स्टोर्स सहित दर्जनों प्रतिष्ठानों पर सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान सभी प्रतिष्ठानों ने शपथ पत्र देकर स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कोडीन युक्त उक्त दवाओं की खरीद नहीं की है। इससे विभाग ने यह मानते हुए कि फर्म द्वारा अवैध रूप से कोडीन युक्त दवाओं की बिक्री की जा रही है, मामले को गंभीर माना।
विदित हो कि Codiva 100 ml एवं Puroxowin Spas Cap का गैर-चिकित्सकीय उपयोग नशे के तौर पर भी होता है, जिसके चलते इनकी बिक्री सख्त नियमों के अधीन है।
विभागीय रिपोर्ट में आरोप है कि न्यू अब्बास फार्मा ने अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से, बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 तथा नियमावली 1945 का उल्लंघन करते हुए, खुले बाजार में गैर चिकित्सकीय उपयोग हेतु दवाओं की अवैध बिक्री की, साथ ही विभाग को गुमराह करने के लिए कोर्ट रचित (फ़र्ज़ी) विक्रय अभिलेख प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया गया है।
विभाग ने कठोर कार्रवाई की सिफारिश करते हुए निरीक्षण रिपोर्ट, फर्म द्वारा भेजे गए अभिलेख, जवाब, सत्यापन रिपोर्ट, लाइसेंस एवं आधार कार्ड की प्रतियों सहित विभाग ने पूरा प्रकरण संबंधित प्राधिकारी को प्रेषित करते हुए एनडीपीएस एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता 2023 की अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की है।




