गरज़ते बुल्डोजर की परवाह किए बिना मासूम अनन्या ने बचाई अपनी कॉपी किताब, पिता ने किया आत्महत्या का प्रयास, गिरफ्तार
अम्बेडकरनगर: अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जहां प्रशासन का बुल्डोजर गरजता रहा वहीं कक्षा एक कि मासूम छात्रा अपनी कॉपी किताब बचाने के लिए दौड़ कर झौपड़ी में घुस गई हालांकि कोतवाल व महिला सिपाही भी दौड़ कर अंदर गए और मासूम बच्ची की किताब कॉपी को सुरक्षित बचा लिया।
नवीन परती की जमीन को खाली करने पहुंची राजस्व विभाग ने तमाम जद्दोजहद के बाद झोपड़ी को बुलडोजर से ध्वस्त कर समतल कर दिया वहीं विरोध कर आत्महत्या का प्रयास करने पर राजस्व विभाग के लेखपाल द्वारा परिवार के एक सदस्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने अधिकारियों से बाद विवाद करने के मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। तमाम सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण मौजूद है लेकिन एक विशेष भूमि को निशाना बना कर बुल्डोजर से ध्वस्त करने की क्षेत्र में खूब चर्चाएं हो रही है।
विदित हो कि जलालपुर तहसील के ग्राम अजईपुर में गाटा संख्या 888/.0006 नवीन परती खाते में दर्ज है जिस पर गांव का ही राम मिलन द्वारा पचासों वर्षों से झोपड़ी बनाकर परिवार संग रह रहा था। जिस पर नवीन परती भूमि पर जलालपुर तहसीलदार न्यायालय पर वाद दायर किया गया था जिस पर बेदखली का आदेश हुआ था। उक्त अतिक्रमण हटाने के लिए जलालपुर उपजिलाधिकारी पवन कुमार जायसवाल, जलालपुर तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, जलालपुर कोतवाल संतोष कुमार सिंह मय टीम के साथ पहुंचे थे ।
अतिक्रमण हटाने के लिए परिवार को घर से बाहर किया जा रहा था लेकिन परिवार झोपड़ी छोड़ कर बाहर आने को तैयार नहीं थे इसको लेकर काफी देर तक राजस्व और पुलिस टीम बैठ कर इंतजार करती रही। इसी दौरान झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थिति में आग लग गई। आग लगते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। राजस्व अधिकारियों ने पुलिस के सहयोग से पूरे परिवार को आग लगी झोपड़ी से बाहर निकाला तथा झोपड़ी में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को बुलाकर आग को बुझाया गया। तमाम जद्दोजहद के बाद जेसीबी से झोपड़ी को ढहाने लगे जिस पर परिवार के सदस्य अखिलेश यादव द्वारा विरोध करना शुरू कर दिया गया।राजस्व अधिकारियों के आदेश पर अखिलेश यादव को पुलिस जबरन वाहन में डालने लगी इसी दौरान पुलिस और अखिलेश यादव के बीच खींचातानी शुरू हो गई तथा अखिलेश यादव द्वारा अपने गमछे से गला दबाकर आत्महत्या करने का भी प्रयास किया गया ।
किसी तरह पुलिस और राजस्व टीम अखिलेश को पुलिस वाहन में भरकर कोतवाली ले गई। इसके बाद राजस्व टीम के आदेश पर जेसीबी द्वारा झोपड़ी को ढहा कर पूरी तरह समतल कर दिया गया तथा जमीन में गड़े हैंड पंप को भी हटा दिया गया।
इस दौरान एक मार्मिक दृश्य भी देखन को मिला। राजस्व टीम के निर्देश पर बुलडोजर द्वारा झोपड़ी को ध्वस्त किया जा रहा था इसी दौरान एक मासूम बच्ची जिसका नाम अनन्या पुत्री उमेश है जो कक्षा एक की छात्रा है मासूम आवाज में चिल्लाते हुए झोपडी में रखे हुए कॉपी और किताब को बचाने की गुहार लगाते हुए दौड़ने लगी।
जिसे देख पास में खड़ी महिला कांस्टेबल अमृता सिंह गौर और कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बच्ची के साथ झोपडी में पहुंच छात्रा के कॉपी और किताब को निकाला।
तमाम हंगामा के बीच अतिक्रमण मुक्त कराकर लौटी राजस्व विभाग द्वारा हंगामा कर रहे अखिलेश के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने तथा प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्रता करने जैसे धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उक्त कार्यवाही गांव के ही एक बड़े अधिकारी के दबाव में किया गया है जबकि बहुत लोगों द्वारा बंजर, ऊसर, सहित अन्य सरकारी जमीनों और तालाब को लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।




