अम्बेडकरनगर: भाजपा जिला महामंत्री सुरेश कन्नौजिया की टाण्डा नगर क्षेत्र में दबंग भूमाफिया द्वारा जमकर की गई पिटाई के प्रकरण में भाजपा जिला इकाई व टाण्डा नगर इकाई की जमकर किरकिरी हो रही है। एक तरफ जहां जिला महामंत्री की पिटाई करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिला इकाई व नगर इकाई का टाण्डा कोतवाली में जमावड़ा रहा और कोतवाली पुलिस व एसडीएम टाण्डा पर जेल भेजने का दबाव बनाया जा रहा था वहीं आरोपियों को चन्द घंटों में टाण्डा से ही जमानत मिल गई जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चाएं हो रही है।
बताते चलेंकि भाजपा जिला इकाई के महामंत्री सुरेश कन्नौजिया की तहरीर पर टाण्डा कोतवाली पुलिस ने मुकदमा संख्या 372/25 पर बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) व एससीएसटी एक्ट की धारा 3(1) द, घ एवं 3(2) वा के तहत मुकेश मौर्य, राजन मौर्य पुत्रगण शिवराज व वीरेन्द्र मौर्य पुत्र अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुकेश मौर्य व राजन मौर्य को हिरासत में ले लिया था। मुकदमा वादी का आरोप था कि मुकेश मौर्य द्वारा एक भूमि के लिए 10 लाख रुपया लिया था और वापस मंगनने पर उक्त दोनों के साथ मिलकर जाति सूचक गले गलौज व जान से मारने की धमकी देता हुआ मारपीट किया जिसमें उनको चोटें आई।
उक्त घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयम्बक तिवारी, जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी बाल्मीकि उपाध्याय आदि टाण्डा कोतवाली पहुंच कर मुकेश आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तथा तीनों आरोपियों को शांति भंग की धारा में जेल भेजने का दबाव भी बनाया। सूत्रों के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष घटना के दूसरे दिन उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर आरोपियों को जेल भेजवाने के लिए दबाव बनाया परंतु गिरफ्तार आरोपियों को शांति भंग के मामले में जमानत मिल गई। दूसरी तरफ मुकेश मौर्य द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई कि उनके खिलाफ सत्ता पक्ष के दबाव में मुकदमा लिखा गया है जबकि उनकी पिटाई की गई थी लेकिन उनका मुकदमा नहीं लिखा गया है।बहरहाल भाजपा जिला महामंत्री की टाण्डा नगर में सरेआम पिटाई के मामले के आरोपितों को शांतिभंग में जेल भेजने का दबाव काम नहीं आया जिससे भाजपा जिला इकाई की आम जनमानस में खूब किरकिरी हो रही है और चर्चा चल रही है कि कहीं ना कहीं जिला इकाई कमज़ोर नज़र आ रही है।




