अदालत के सख्त निर्देश के बाद आखिरकार चुनाव आयोग ने 14 मार्च 2024 को इलेक्टोरल बॉन्ड का डाटा अपनी वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है।
डाटा के अनुसार 02 जनवरी 2018 को लागू हुई इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम का सबसे बड़ा फायदा भारतीय जनता पार्टी को हुआ है।
भाजपा को 6,060, तृणमूल को 1,609, कांग्रेस को 1,421, बीआरएस को 1,214, बीजद को 775, डीएमके को 639, वाईएसआर कांग्रेस को 337, तेलुगु देशम पार्टी को 218, शिवसेना को 158, राजद को 72.50 करोड़ चंदा प्राप्त हुआ है।
भाजपा के पास एक करोड़ के 5854, दस लाख के 1994, 1 लाख के 706, 10 हजार के 48 व 1 हज़ार के 31 बॉन्ड हैं।
तृणमूल के पास एक करोड़ के 1467, दस लाख के 1354, 1 लाख के 410, 10 हजार के 30 व 1 हज़ार के 14 बॉन्ड हैं।
कांग्रेस के पास एक करोड़ के 1318, दस लाख के 958, 1 लाख के 800, 10 हजार के 65 व 1 हज़ार के 5 बॉन्ड हैं।
चुनाव आयोग ने वेबसाइट पर 763 पेजों की दो लिस्ट अपलोड की गई हैं। एक लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी है। दूसरी में राजनीतिक दलों को मिले बॉन्ड की डिटेल है। राजनीतिक पार्टियों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज पीआर है, जिसने 1,368 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। कंपनी ने ये बॉन्ड 21 अक्टूबर 2020 से जनवरी 24 के बीच खरीदे। कंपनी के खिलाफ लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998 के तहत और आईपीसी के तहत कई मामला दर्ज है।
सबसे बड़ा चुनावी चंदा फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेस ने दिया है। कंपनी सिक्किम, नगालैंड और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में लॉटरी के टिकट बेचती है। इसे लॉटरी किंग मार्टिन सेंटियागो चलाते हैं। उन्होंने 1,368 करोड़ रुपए का चंदा 21 अक्टूबर 2020 से जनवरी 24 के बीच दिया है।
सेंटियागो मार्टिन के बड़े बेटे चार्ल्स जोस ने 2015 में भाजपा जॉइन की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 10 साल से ED और IT डिपार्टमेंट की रडार पर है। दिसंबर 2021 में ED ने कंपनी की 19.6 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की थी। 2019 में IT ने मार्टिन के देशभर के 70 ठिकानों पर छापा भी मारा था। कंपनी के खिलाफ लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998 के तहत और आईपीसी के तहत कई मामले दर्ज हैं।








