गत दिनों असलहा के बल पर भूमि खाली कराने का किया गया था असफल प्रयास
अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर क्षेत्र के मोहल्ला अहाता में स्थित थिरुआ नाला के किनारे करोड़ों की बहुमूल्य भूमि को कब्जा करने वाले भूमाफियाओं को तहसील प्रशासन ने तगड़ा झटका देते हुए उक्त जमीन के सम्बंध में दायर किये गया हद बरारी के दो मुकदमों को जहां पर उपजिलाधिकारी न्यायिक न्यायालय ने खारिज कर दिया वहीं तहसीलदार टाण्डा न्यायालय ने वरासत के मुकदमे में बाज दायर प्रार्थना पत्र पर सभी जमीनों के क्रय विक्रय व बंधक किये जाने पर रोक लगा दी है।
बताते चलेंकि गत शुक्रवार 09 फरवरी को उक्त जमीन पर हद बरारी की पैमाइश के बहाने असलहों के साथ पहुंचे जमीन कब्जा करने वालों को स्थानीय जनता का व्यापक आक्रोश के कारण बैरंग वापस होना पड़ा था। उक्त जमीन सार्वजनिक उपयोग हेतु बिछावट के कालम में खतौनी पर दर्ज थी लेकिन माफियाओं ने उक्त कालम को राजस्व विभाग से मिल मिलाकर वर्तमान खतौनी में कटवा लिया है।मोहल्ला अहाता में स्थित गाटा संख्या 213मि., 279 मि., 214 के सम्बंध में हद बरारी का मुकदमा धारा 24 राजस्व संहिता 2006 के तहत दो मुकदमे दायर किये गए थे जिस पर सुनवाई व तहसीलदार की रिपोर्टों का परिशीलन करते हुए बीते 15 फरवरी को उपजिलाधिकारी न्यायिक का भी कार्य भार संभाल रहर उपजिलाधिकारी सचिन यादव ने निरस्त कर दिया और अपने आदेश में बताया कि उक्त जमीन पर कभी खाते दार का कब्जा नही रह और जमीन पर धोबी समाज के लोग बिछावट के रूप में प्रयोग करते है तथा नक्शा छोटा है और मिनजुमला नंबर कि हद बरारी नहीं की जा सकती है, दोनों मुकदमे निरस्त किये जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ उक्त जमीन के बाबत वरासत के मुकदमे में तहसील दार न्यायालय ने प्रदीप मौर्य एडोवोकेट के बाज दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उक्त जमीनों के क्रय विक्रय व बंधक करने और रोक लगा दी।बहरहाल बहुचर्चित बिछावट भूमि की खरीद फ़रोख़्त पर अदालत द्वारा रोक लगाए जाने पर धोबी समाज मे खुशी की लहर दौड़ गई है।





