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बचपन बचाने की जंग का एलान: सड़कों पर दौड़ेगा श्रमविभाग का जनजागरूकता रथ

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बाल श्रम जनपद मुक्त लक्ष्य-2027 एवं बाल विवाह मुक्त जनपद के लिए सहायक श्रमायुक्त राजबहादुर यादव ने जान जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

अम्बेडकरनगर: बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अम्बेडकरनगर में व्यापक जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त राजबहादुर यादव ने “बाल श्रम जनपद मुक्त लक्ष्य–2027” एवं “बाल विवाह मुक्त जनपद” अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


यह जागरूकता रथ आगामी एक माह तक जिले के सभी विकास खंडों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से आम जनमानस को बाल श्रम निषेध अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा शासन द्वारा संचालित बाल संरक्षण और श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
अभियान का उद्देश्य वर्ष 2027 तक अम्बेडकरनगर जनपद को बाल श्रम मुक्त जनपद घोषित करना, समाज को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम और बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय भी हैं। जागरूकता रथ के माध्यम से पम्पलेट, बैनर, पोस्टर, ध्वनि प्रसारण और जनसंवाद के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि यदि कहीं बाल श्रम या बाल विवाह की घटना सामने आती है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। अभियान के दौरान सरकार द्वारा ऐसे बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सहायता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी साझा की जा रही है।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे और सभी से इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग की अपील की गई, ताकि अम्बेडकरनगर को बाल श्रम व बाल विवाह मुक्त जनपद बनाया जा सके।

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