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जयंती की रोशनी बुझते ही दलित बस्ती में ‘खाकी का कहर’?: तांडव, बाबा साहब के अपमान का गंभीर आरोप, जानिए मामला

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अम्बेडकरनगर: 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर पूरे जिले में उत्सव, सम्मान और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला। दिनभर कार्यक्रमों के बाद रात्रि में भव्य झांकियां भी शांतिपूर्ण ढंग से निकाली गईं, लेकिन जैसे ही जयंती की रोशनी थमी, टाण्डा क्षेत्र की कश्मिरिया दलित बस्ती से आई खबरों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस खबर की वीडियो इंस्ट्राग्राम पर देखने के लिए 💐 इसे टच करेंस्थानीय लोगों के अनुसार, झांकियों के सकुशल समापन के बाद देर रात अचानक आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी बस्ती में पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के कथित तौर पर उत्पात मचाने लगे। आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ बाबा साहब की झांकी पर लगा कटआउट गिरा दिया, बल्कि इसके बाद घरों में घुसकर लोगों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया। इस खबर की वीडियो फेसबुक पर देखने के लिए 💐 इसे टच करें प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया गया है वहीं सीओ टाण्डा शुभम कुमार का कहना है कि एक डीजे सीज़ हुआ था और उसके सामने बिना इंजन के झांकी सजी ट्राली सड़क पर मार्ग अवरोध कर खड़ी थी, जिसको पुलिस कर्मियों द्वारा हटा कर डीजे वाहन को निकाल गया था, इसके अलावा सभी आरोप निराधार हैं।

घटना की पृष्ठभूमि में एक और पहलू सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि झांकी के दौरान डीजे बजाने को लेकर राजेन्द्र कुमार और पुलिस के बीच कहासुनी हुई थी। राजेन्द्र कुमार की पुत्री का आरोप है कि इसी विवाद के कारण पुलिसकर्मी ने अभद्रता किया।

घटना के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची हुई है। वहीं, बस्ती के लोग सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी चिंतित हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं सबूतों से छेड़छाड़ न हो जाए, इसलिए कई लोग खुद ही कैमरों की निगरानी कर रहे हैं। (सीओ टाण्डा का बयान सुनें)

फिलहाल, पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब सबकी नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह इस संवेदनशील प्रकरण में क्या रुख अपनाता है और सच्चाई सामने लाने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं हालांकि सीओ टाण्डा व टाण्डा कोतवाली निरीक्षक ने सभी आरोपों को खारिज़ करते हुए कहा है कि डीजे सीज़ की कार्यवाही से नाराज़ लोग निराधार आरोप लगा रहे हैं। 

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