अम्बेडकरनगर (विशेष रिपोर्ट) संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के संयुक्त बैनर तले प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण की तैयारियां अम्बेडकरनगर में तेज़ी से चल रही हैं। इस क्रम में आगामी 15 जनवरी को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
आंदोलन को मिला बहुजन मुक्ति पार्टी का समर्थन
इस आंदोलन को बहुजन मुक्ति पार्टी ने भी अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी के जिला अध्यक्ष लालजी गौतम ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ कार्य कर रही है। ऐसे में संविधान की रक्षा के लिए जनआंदोलन आवश्यक हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 15 जनवरी को जिला मुख्यालय पर मजबूती के साथ धरना-प्रदर्शन करेगा।
सरकार पर आरएसएस के इशारे पर चलने का आरोप
वहीं बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला महासचिव विकास सक्सेना ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार आरएसएस के इशारे पर काम कर रही है, जिससे संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि संविधान में विश्वास रखने वाले हर नागरिक की आवाज़ है।
उड़ीसा की घटना बनी आंदोलन की बड़ी वजह
आंदोलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए नेताओं ने बताया कि 26 से 30 दिसंबर 2025 तक उड़ीसा राज्य के कटक जिले में बहुजनों के सबसे बड़े संगठनों बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन प्रस्तावित था, लेकिन उड़ीसा सरकार द्वारा अधिवेशन की अनुमति दो दिन पहले रद्द कर दी गई, जिसे संविधान में प्रदत्त संगठन बनाने और उसका प्रचार-प्रसार करने के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया गया।
चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
इसी घटना के विरोध में देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसके दूसरे चरण के तहत अम्बेडकरनगर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि जब तक संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पूरी ताकत से सहभाग करेगी पार्टी
बहुजन मुक्ति पार्टी की अम्बेडकरनगर इकाई ने ऐलान किया है कि वह इस धरना-प्रदर्शन में पूरी ताकत के साथ सहभाग करेगी और संविधान व लोकतंत्र के संरक्षण के लिए सड़क से लेकर शासन-प्रशासन तक आवाज़ बुलंद की जाएगी।
15 जनवरी को जिला मुख्यालय पर होने वाला यह धरना-प्रदर्शन बहुजन संगठनों की एकजुटता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।





