अम्बेडकरनगर: अध्यात्मिक इलाज़ के लिए विश्व विख्यात सुल्तान शाह सैय्यद मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के वंशज सज्जादानशीन सरकार ए कलां स्व.मौलाना सैय्यद मो. मुख्तार अशरफ अशरफी उल जिलानी के तीसरे पुत्र सैय्यद अली अशरफी को किछौछा दरगाह में उनके पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया। सैय्यद अली अशरफी 1980 में विधान परिषद के सदस्य मनोनीत हुए जबकि 1985 से 1989 तक पीलीभीत शहर के विधायक रहे।
मरहूम अली अशरफी द्वारा अधिकांश नासिक, मालेगांव, मुरादाबाद, बदायूं, रामनगर, उत्तर प्रदेश के मुबारकपुर आदि स्थानों पर काम किया। सैय्यद अली अशरफी के चाहने व मानने वालों की लंबी फेहरिस्त है। हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य सैय्यद मकसूद अशरफ उर्फ अरशद मियां ने बताया कि दरगाह किछौछा में पैतृक कब्रिस्तान में सैय्यद अली अशरफी को सुपुर्दे ख़ाक किया गया।






