मैनपुरी (रिपोर्ट: गुलज़ार शकील) भोंगाव। आलीपुर खेड़ा व आसपास के गॉंवों में बिजली की कटौती के कारण लोग परेशान है वन्ही किसानों की फसलें मक्का,मूंगफली,चारा, तरबूज,खरबूज आदि की फसलें सूखने के कगार पर है।आलीपुर खेड़ा फीडर पर बमुश्किल 4से5 घण्टे ही बिजली आपूर्ति हो रही है वह भी बार बार आने जाने के बाद।फीडर पर लगभग एक सैकड़ा गाँवों की बिजली आपूर्ति होती है।बिजली की आँख मिचौली के कारण किसानों की फसलें सूखने के कगार पर है।
उमस भरी गर्मी और ऊपर से लगातार हो रही बिजली की कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली गुल होने के बाद पता नहीं होता है कि बिजली दोबारा कब आएगी। दिन हो या रात बस लोगों को अघोषित बिजली कटौती का ही भय सताता रहता है कि बिजली ना जाने कब गुल हो जाए। बिजली कटौती के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या खराब होकर रह जाती है। उमस भरी गर्मी से छोटे बच्चे, महिला और बुजुर्गों को भारी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लिए बनाए गए शेड्यूल के अनुसार भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है जिसके कारण आजकल पड़ रही चिपचिपाती गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया हैं। वही छोटे उद्योग व किसान, बिजली पर निर्भर दुकानदारों में बिजली निगम के प्रति खासा गुस्सा व्याप्त है। अघोषित बिजली कटौती ने पेयजलापूर्ति को भी बिगाड़ दिया है। ग्रामीण तिलक सिंह राजपूत,राजवीर यादव,सुधीर राजपूत,सुखवीर यादव,शिवचरन सिंह राजपूत,पिंकु कश्यप,चाँद मिंयाँ,शाहवान अली,शिवम शाक्य,प्रदीप पाल,अनिल पाल,गीता आदि ने बिजली आपूर्ति ठीक कराये जाने की जिलाधिकारी से मांग की है।
अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में आक्रोश


