अम्बेडकरनगर: जीवन में आने वाली व्यक्तिगत व पारिवारिक समस्याओं, परेशानियों एवं लाइलाज बीमारियों से मुक्ति पाने तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नतों का सहारा लेकर प्रतिवर्ष देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में विभिन्न धर्म जाति समुदाय के लोग प्रसिद्ध दरगाह मखदूम अशरफ किछौछा शरीफ़ में उर्स के दौरान जरूर आते हैं। दरगाह किछौछा में स्थित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खानकाह अशरफिया हसनिया सरकारे कला जहां जामे अशरफ भी वाक़े है जो अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है,वहां बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं और दुआ में शरीक होते हैं
कायदे मिल्लत हज़रत अल्लामा मौलाना सैय्यद महमूद अशरफ अशरफी जिलानी सज्जादानशीन आस्ताने आलिया अशरफिया हसनिया सरकारे कला किछौछा शरीफ की सरपरस्ती में चार दिवसीय 639वां वार्षिक उर्स को भव्य रूप से मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है।
खानकाह सरकारे कला में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विधिवत सूची प्रसारित कर दी गई है। चार दिवसीय उर्स मखदूमी का आगाज़ 22 जुलाई यानी 26 मोहर्रम दिन मंगलवार को बाद नमाज़ अशर (शाम लगभग 5:15 बजे) परचम कुशाई (ध्वजारोहण) व अशरफी तराना के साथ उर्स का आगाज़ किया जाएगा तथा खत्म बुखारी शरीफ (पवित्र हदीस की किताब) के अवसर पर दुआ ख्वानी होगी। बाद नमाज़ मग़रिब हलक़ ए ज़िक्र व बाद नमाज़ ए ईशा जलसा कार्यक्रम आयोजित है।
23 जुलाई यानी 27 मोहर्रम बुधवार की सुबह 09:30 बजे महफिले समा होगी जबकि दोपहर 02 बजे जुलूस मुए मुबारक (जुलूस मोहम्मदी) किछौछा से खानका़ह सरकारे कला आएगा जहां शाम 05:30 बजे ज़ियारत मुऐ मुबारक कराई जाएगी और रात्रि 09 बजे जलसा दस्तारबंदी मदरसा जामे अशरफ कार्यक्रम होगा।
24 जुलाई अर्थात 28 मोहर्रम दिन गुरुवार की सुबह लगभग 05 बजे मस्जिद में कुरआन ख्वानी होगी और प्रातः 09 बजे महफिले समा का आयोजन होगा तथा दोपहर 02 बजे जुलूसे गौ़सिया व शाम 05 बजे ख़िरका़ पोशी की रस्म परंपरानुसार अदा करने के साथ 5:15 बजे ज़ियारते लिबास-ए-गौसिया व मुबारक तबर्रुकात की जियारत कराते हुए शिजरा ख्वानी सुनाई जाएगी तथा रात्रि 09 बजे महफिले समाॅ का आयोजन किया जाएगा। उर्स के अंतिम दिन 25 जुलाई यानी 29 मोहर्रम शुक्रवार की सुबह 10 बजे महफ़िल ए सॅमा के बाद कु़ल फा़तिहा, शिजरा ख्वानी व अंतिम दुआ कराई जाएगी।
बताते चलेंकि उर्स इंतेजा़मिया कमेटी खानका़ह अशरफिया हसनिया सरकारे कला दरगाह किछौछा के प्रांगण में रूह को तड़पा देने वाली दुआएं भी होती है जिसमें मौजूदा भीड़ के अलावा ऑनलाइन भी लाखों लोग शामिल होते हैं। उक्त सभी कार्यक्रमों को व्यवस्थित करने के लिए बड़ी संख्या में सेवक मौजूद रहते हैं। सज्जादानशीन खानका़हे अशरफिया हसनिया सरकारे कला दरगाह किछौछा शरीफ हुजूर का़यदे मिल्लत हज़रत अल्लामा मौलाना सैय्यद महमूद अशरफ अशरफी जिलानी ने जायरीनों व श्रद्धालुओं से अपील किया है कि उर्स के दौरान महिलाओं को साथ ले कर ना आये।
बहरहाल खानकाह अशरफिया हसनिया सरकारे कला दरगाह किछौछ में 639वें उर्से मखदूमी की तैयारी पूरी हो चुकी है। देश विदेश से आने वाले जायरीनों श्रद्धालुओं के लिए मुकम्मल इंतेज़ाम किया जा रहा है तथा खानकाहे अशरफिया हसनियाॅ सरकारे कलां में 639 वां उर्स मखदूमी काफी हर्षोउल्लास के साथ उर्से मखदूमी मनाया जाएगा। उक्त जानकारियां मौलाना सैय्यद आरफ अशरफ द्वारा दी गई है।




