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639 उर्से मखदूमी की तैयारियां तेज़, दुल्हन की तरह सजेगा दरगाह किछौछा

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अम्बेडकनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर- मान्यता प्राप्त पत्रकार) रूहानी इलाज़ के लिए विश्व विख्यात दरगाह किछौछा में आगामी 19 जुलाई से शुरू हो कर 25 जुलाई तक चलने वाला 639वां वार्षिक उर्स मखदूमी व मेला की तैयारियां काफी जोरशोर से जारी है। परचम कुशाई की रस्म से शुरू होने वाले वार्षिक उर्स के दौरान फीता काटकर मेला का शुभारंभ किया जाएगा।


बताते चलेंकि सैय्यद सुल्तान शाह मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की दरगाह किछौछा में वार्षिक उर्स 19 जुलाई अर्थात 23 मोहर्रम को परचम कुशाई के साथ शुरू होगा। 20 जुलाई अर्थात 24 मोहर्रम को परंपरानुसार मलंग सज्जादानशीन मो. आलम शाह मलंगों के जुलूस के साथ आस्ताना ए आलिया पर पहुंच कर चादर पेश कर दुआएं मांगेंगे।
मखदूम अशरफ के वंशज साहिबे सज्जादा अल्लामा मौलाना सैय्यद शाह मोइनुद्दीन अशरफ मोईन मियाँ द्वारा 25 मोहर्रम अर्थात 21 जुलाई को खानकाह अशरफिया हुसैनिया से अशरफी दूल्हा की शक्ल में मुख्य स्थान सहन आस्ताना पहुंच कर रस्मे गागर अदा करेंगे और विश्व शांति व कल्याण के लिए विशेष दुआएं करेंगे और रात्रि में महफिले शमा में भी शमिल होंगे।
26 मोहर्रम अर्थात 22 जुलाई को किछौछा शरीफ से अल्लामा मौलाना सैय्यद हसीन अशरफ का पालकी जुलूस काफी धूमधाम से दरगाह किछौछा स्थित सहन आस्ताना पर पहुंच कर रस्मे गागर अदा कर दुआएं मांगेंगे। 27 मोहर्रम अर्थात 23 जुलाई को दरगाह मखदूम अशरफ के मोतवल्ली व सज्जादानशीन अल्लामा मौलाना सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ बसखारी से पालकी में सवार होकर जुलूस की शक़्ल में दरगाह किछौछा पहुंचेंगे जहां लहद खाना से विशेष वस्त्र ख़िरका मुबारक धारण कर सहन आस्ताना पर पहुंच कर दुआ कराएंगे तथा 28 मोहर्रम अर्थात 24 जुलाई को पुनः मोतवल्ली व सज्जादानशीन सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ ख़िरका मुबारक को पहनकर सहन आस्ताना पर दुआ कराएंगे। 28 मोहर्रम को उर्स मुबारक का विशेष दिन माना जाता है क्योंकि हजरत सैय्यद सुल्तान शाह मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी 28 मोहर्रम को अशर की नमाज़ से थोड़ा पहले अपने हक़ीक़ी महबूब से जा मिले थे। 29 मोहर्रम को पवित्र ख़िरका मुबारक को धूप दिखा कर सुखाने एवं उसे बसखारी स्थित सरपरस्त सज्जादानशीन रहे अल्लामा मौलाना सैय्यद फखरुद्दीन अशरफ के आवास पर विशेष स्थान पर सुरक्षा के साथ रखा जाएगा और 29 मोहर्रम अर्थात 25 जुलाई की रात्रि में सहन आस्ताना पर जलसा ए ईद मिलादुन्नबी का भव्य कार्यक्रम परंपरागत ढंग से सम्पन्न होगा।
बताते चलेंकि आध्यात्मिक इलाज़ के लिए बहुप्रसिद्ध दरगाह किछौछा में वार्षिक उर्स के दौरान देश के कोने कोने से जायरीनों श्रद्धालुओं का आगमन होता है,इस दौरान भारी भीड़ होती है जिससे व्यवस्थाएं चरमरा जारी है। साफ सफाई के लिए नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा अन्य स्थानों से सफाई कर्मियों को बुला कर व्यवस्था देती है तथा जायरीनों के लिए अस्थाई पानी के नल, शौचालयों व रैन बसेरा आदि का इन्तेज़ाम किया जाता है। दरगाह इंतेजामिया कमेटी द्वारा दरगाह परिसर में भी समुचित व्यवस्थाएं दी जाती है लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण सारी व्यवस्थाएं चरमरा जाती है। इस दौरान खानकाहों की तरफ से लंगर ए आम की व्यवस्था की जाती है तथा जायरीनों के ठहरने की भी व्यवस्था की जाती है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गत दिनों उर्स व मेला की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए बिजली विभाग को अतिरिक्त मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया था।
बहरहाल दरगाह किछौछा में 639 वें वार्षिक उर्स व मेला की तैयारियां काफी जोरशोर से जारी है तथा देश के कोने कोने से आने वाले जायरीनों के स्वागत व समुचित व्यवस्था देने का भी इन्तेज़ाम किया जा रहा है।

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