अम्बेडकरनगर (आलम खान एडिटर की कलम से) विशेष रिपोर्ट आयोग द्वारा आदर्श चुनाव आचार संहिता का एलान 16 मार्च को किया जा चुका है। अम्बेडकर नगर जनपद में 25 मई को मतदान होना है। कांग्रेस सपा गठबंधन ने पूर्व मंत्री व छठवीं बार विधायक बने लालाजी वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि भाजपा ने सपा बसपा गठबन्ध से सांसद बने रितेश पांडेय पर दांव लगाया है।
एक तरफ राजनीति को काफी करीब से देख रहे लालाजी वर्मा हैं तो वहीं दूसरी तरफ विरासत में मिली राजनीति कर सांसद बने रितेश पांडेय मैदान में हैं। जनपद की राजनीति दोनों बड़ा चेहरा माना जाता है लेकिन 55 अम्बेडकर नगर को हमेशा से बसपा का गढ़ भी माना जाता रहा है। बसपा सुप्रीमों बहन मायावती भी अम्बेडकर नगर से चुनाव जीत कर सांसद बन चुकी हैं। स्पा प्रत्याशी भी बसपा की सक्रिय राजनीति कर कई बाद बसपा से विधायक रहे हैं तो निवर्तमान सांसद रितेश पांडेय व उनके पिता राकेश पांडेय भी बसपा के सिम्बल पर सांसद चुने गए थे। ऐसे में जनपद की राजनीति में बसपा प्रत्याशी को नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता है।
बसखारी दरगाह निवासी समाजसेवी मो.कलाम शाह बसपा के संभावित प्रत्याशी हैं जो बसपा सुप्रीमों के इशारे पर लगतार क्षेत्र भ्रमण कर बसपा मुस्लिम गठजोड़ बैठने पर लगे हुए हैं।
चर्चा है कि बसपा द्वारा मो.कलाम शाह को प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद जनपद की राजनीति में बड़ा बदलाव भी आ सकता है कि और दोनों दिग्गजों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
सपा कांग्रेस गठबन्ध प्रत्याशी लालाजी वर्मा का दावा है कि कुर्मी, यादव व मुस्लिम के साथ उन्हें दलित व अपर कास्ट की भी वोट मिल रह है जबकि भाजपा प्रत्याशी का दावा है कि डबल इंजन की सरकार में लगातार क्षेत्र व आमजनों का विकास हो रहा है जिसके कारण सभी धर्म समुदाय की वोट उन्हें प्राप्त हो रही है। सपा व भाजपा के दावों के बीच संभावित बसपा प्रत्याशी मो.कलाम शाह ने भी दलित मुस्लिम गठजोड़ सहित सभी जातियों की वोट मिलने का दावा कर रहे हैं।
बहरहाल 56 लोकसभा क्षेत्र में जहां दो दिग्गजों का राजनीतिक कैरियर दांव ओर लगा है वहीं बसपा प्रत्याशी को कदापि नज़र अन्दाज़ नहीं किया जा सकता है।




