एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अम्बेडकरनगर: प्रांतीय लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी आवाहन पर शुक्रवार को टाण्डा व जलालपुर तहसील सहित सभी तहसील मुख्यालयों पर लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में जोरदार एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने अपनी 08 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर उच्च स्वर में सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई और उपजिलाधिकारी जलालपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा।

जलालपुर तहसील अध्यक्ष ने बताया कि संघ कई वर्षों से लगातार मांगें उठा रहा है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं। लेखपाल संघ ने अपनी मांगों में बताया कि लेखपालों की शैक्षणिक योग्यता व पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान निर्धारण और एसीपी की विसंगतियों का निस्तारण, मृतक आश्रित लेखपालों के पेंशन संबंधी लंबित मुद्दे, राजस्व निरीक्षक व नवसृजित तहसीलदार पदों का अतिरिक्त सृजन, स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रूपये किए जाने की मांग, वाहन भत्ता के पुनर्मूल्यांकन की मांग, विशेष भत्ता 100 रुपय से बढ़ाकर 2500 रुपया प्रतिमाह किए जाने की मांग किया है।
अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस सांकेतिक एकदिवसीय धरने के बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संघ अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा और आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।जलालपुर धरना स्थल पर जयकारा पाल, अजय प्रताप, विवेक यादव, धर्मेंद्र सिंह, की याद अहमद, गुलनाज बानो, ममता गुप्ता सहित दर्जनों लेखपाल मौजूद रहे।




