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अभूतपूर्व बन्दी के बीच ज़बरदस्त प्रदर्शन-सीएए को बताया काला कानून

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बहुजन क्रान्ती मोर्चा के ‘भारत बंद’ आह्वान का जनपद में भी ज़बरदस्त असर देखने को मिला। एनआरसी व सीएए के खिलाफ प्रदर्शन जुलूस निकाल कर ईवीएम मशीन को भी प्रतिबंधित करने की मांग की गई।
बहुजन क्रान्ती मोर्चा के आह्वान पर कलेक्ट्रट के समीप एनआरसी व सीएए के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की रणनीति तय हुई थी जिसके तहत आलापुर, जलालपुर, टाण्डा व भीटी आदि तहसील क्षेत्रों से प्रदर्शनकारियों को बहुजन मुक्ति पार्टी के बैनर पर पहुंचना था। टाण्डा में बहुजन मुक्ति पार्टी के यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार राजभर के नेतृत्व में हकीम ग्राउंड से कश्मिरिया तक पदमार्च कर एनआरसी व सीएए को वापस लेने की मांग की गई। जलालपुर से भी भारी संख्या में कलेक्ट्रेट की तरफ प्रद्रधनकरियों के जत्था रवाना हुआ। प्रशासन ने धारा 144 व बिना अनुमति के कार्यक्रम करने का हवाला देते हुए कलेक्ट्रेट के समीप से प्रदर्शनकारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अकबरपुर, जलालपुर, टाण्डा व भीटी क्षेत्र से आए सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। टाण्डा, जलालपुर, इल्तिफ़ातगंज, बसखारी, दरगाह, किछौछा, हंसवर, भूलेपुर, मिझौड़ा आदि क्षेत्रों में बन्दी का ज़बर्दस्त असर नज़र आया। टाण्डा चौक व कपड़ा मंडी में बन्दी का कोई खास असर नहीं रहा हालांकि पॉवर लूमों के चक्के पूरी तरह ठप रहे तथा अधिकांश दुकाने बन्द रही। टाण्डा के प्रमुख मार्गों सहित गली कूचों में भी चाय पाना तक कि दुकानें पूरी तरह से बंद रही जिसके कारण लोग चाय पान को तरसते नज़र आएं भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर टाण्डा सीओ अमर बहादुर ने भारी पुलिस बल सहित टाण्डा कोतवाली निरीक्षक संजय सिंह व अलीगंज थानाध्यक्ष राम चन्द्र सरोज के साथ नगर क्षेत्र में पदमार्च कर आमजनों से शांति व्यवस्था को बहाल रखने की अपील किया। ज़बरदस्त बन्दी के दौरान निकले प्रदर्शन जुलूस को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अमला काफी सतर्क रहा। उप जिलाधिकारी महेंद्र पाल सिंह स्वयं नायब तहसीलदार व अन्य प्रशासनिक कर्मियों के साथ क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। हाथों में तिरंगा व तख्तियां लिए लोग सरकार से सीएए वापस लेने की मांग कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन जुलूस की कमान संभाले बहुजन मुक्ति पार्टी के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र राजभर ने कहा कि सीएए काला कानून है।उन्होंने कहा कि हमारा संविधान ये कहता है कि धर्म, जाति, भाषा, स्थान व लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा लेकिन सीएए धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात की गई है जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारत मे लोकतंत्र है लेकिन निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहा है और ईवीएम से चुन कर लोग आ रहे हैं इसलिए ईवीएम हटा कर निष्पक्ष चुनाव कराना चाहिए।

भारत बंद के दौरान हुई बन्दी व प्रदर्शन जुलूस की वीडियो इसे टच कर देखें।

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