गरीबी झेल रहे अपने परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से विदेशों में कमाने गए भारतीयों को एजेंटों द्वारा सुनहरा सपना दिखाया जाता है जिसके चंगुल में फंस कर युवा बिना एग्रीमेंट की जांच पड़ताल किए हुए विदेश पहुंच जाते है लेकिन जब एग्रीमेंट की हकीकत उनके सामने आती है तो पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है और उनको मानसिक व शारीरिक दुःख झेलना पड़ता है तथा उनके परिवारों के समक्ष भी बड़ी मुश्किल पैदा हो जाती है।
विदेशों में फंसे भारतीयों की निस्वार्थ मदद कर उनकी वतन वापसी कराने का बीड़ा उठाने वाले अम्बेडकरनगर जनपद निवासी सैय्यद आबिद हुसैन (जिन्हें लोग प्यार से बजरंगी भाई जान कहते हैं) को जुलाई 2022 माह में मऊ जनपद निवासी शिव लोचन का व्हाट्सएप्प पर मैसेज मिला कि उनके साथ एक दर्जन लोग रसअल खैमा यू ए ई में गत आठ माह से एजेंट की धोखाधड़ी का शिकार होकर फंसे हैं। उन्होंने लिखा कि उनसे वादा किया गया था कि स्पॉन्सर पूरा खर्चा उठाएगा लेकिन खर्चा तो दूर स्पॉन्सर उनके साथ अभद्रता करते हुए सैलरी तक नहीं देता है और भोजन भी समय से नहीं देता है जिसके कारण सभी भारतीय यू ए ई में फंसे हुए हैं।
श्री आबिद ने तत्काल यू ए ई व भारतीय दूतावास से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सभी को एम्बेसी बुलाकर कागजी कार्यवाही शुरू किया जिनमे से 11 लोगों की सकुशल वापसी हो गई जबकि एक युवक की वापसी की प्रक्रिया प्रगति में है।
भारत लौटने के बाद सभी लोगों ने सैय्यद आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाई जान तथा भारतीय दूतावास के आभार प्रकट किया। वापसी करने वालों में हरेंद्र राम सीवान बिहार, जय सूरत सिंह यादव गाजीपुर, धर्मेंद्र कुमार देवरिया, शीतल सिंह कपूरथला पंजाब, हुसनलाल जालंधर पंजाब, सुरेंद्र वर्मा संतकबीर नगर, वेद प्रकाश कुशी नगर, हरदासप्रकाश गाजीपुर, शिव लोचन मऊ उत्तर प्रदेश, बाबू ननद यादव गोपालगंज बिहार सहमिल हैं जबकि थवासी करूप्पेयन कर्नाट का एक युवक को वापस वतन लाने की प्रक्रिया चल रही है।
श्री अबिडने पुनः सभी भारतीयों से अपील किया कि विदेश में मोटी रकम कमाने के लालच में एजेंटों की धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए दस्तावेजों व एग्रीमेंट की विधिवत जांच पड़ताल अवश्य कर लिया करें तथा जिस क्षेत्र का बीजा लें उस क्षेत्र में निपुर्णत: अवश्य प्राप्त कर लें। उन्होंने अपील किया कि विदर्श जाने से पूर्व विदेश मंत्रालय भारत सरकार की गाइड लाइन का अवश्य पालन करें और फिर भी कोई मुश्किल पैदा हो तो तत्काल सम्बन्धित एम्बेसी एवं हाई कमिश से संपर्क कर अपनी समस्या से अवगत कराएं जिससे विदेश में भी आपकी मदद हो सके। श्री आबिद ने भारतीय एम्बेसी के अधिकारियों का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
यू.ए.ई खैमा में फंसे लगभग एक दर्जन भारतीयों की सकुशल हुई वतन वापसी – एजेंट ने दिया था धोखा
