एस.आई.आर में जुटे प्रशासन से समाजसेवियों ने की अलाव जलवाने की अपील
रैन बसेरा की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त लेकिन रहने को कोई तैयार नहीं
सुबह ठण्ड में मासूम बच्चों को स्कूल भेजने पर मजबूर हैं अभिभवक
ठण्ड बढ़ने से वायरल मरीजों की बढ़ी संख्या, बड़ों से अधिक बच्चे परेशान
अम्बेडकरनगर (विशेष रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यत प्राप्त पत्रकार) दिसम्बर माह की शुरुआत हो चुकी है, ठण्ड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ लिया है, तापमान लगातार गिर रहा है लेकिन नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल प्रशासन की ओर से सार्वजनिक अलाव जलाने की ठोस व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है हालांकि रैन बसेरा सजा दिया गया है लेकिन वहां संख्या शून्य के बराबर ही है। अलाव की समुचित व्यवस्था शुरू ना होने से आमजनों में आक्रोश व्याप्त है। दूसरी तरफ प्रशासन चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एसआईआर प्रक्रिया में पूरी तरह जुटे हुए हैं।
दिसम्बर माह का प्रथम सप्ताह समाप्त होने के कगार पर है, तापमान रात्रि में 10 डिगी के नीचे उतरने को बेकरार है जिससे सुबह व रात्रि में ठंड का पूरा एहसास होता है। प्रातः काल मासूम बच्चों को स्कूली स्कूल भेजने पर अभिभवक मजबूर हैं। प्रमुख बाज़ारों, चौराहों, बस स्टेशन आदि पर स्थानीय लोग व राहगीर स्वयं लकड़ी व कागज आदि जला कर गर्मी लेने पर मजबूर हैं।
ठण्ड बढ़ने से सर्दी, खांसी, जुखाम आदि के मरीजों में तेज़ी से उछाल आया गया है। सरकारी अस्पतालों से अधिक प्राइवेट डॉक्टरों के पास भीड़ उमड़ रही है। वयस्कों से अधिक बच्चे बीमार हो रहे हैं।
टाण्डा नगर पालिका प्रशासन द्वारा बस स्टेशन के सामने मांटेसरी स्कूल में 20 बेड का रैन बसेरा तैयार कर रखा है जिसमें से 10 बेड महिलाओं के लिए भी अलग कमरे में आरक्षित किया गया है और वहाँ चारपाई, गद्दा, रजाई, लाइट, शौचालय आदि की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त है लेकिन रात्रि विश्राम करने वालों की संख्या फिलहाल शून्य के बराबर ही है।
दिसम्बर माह की शुरुआत होने के बावजूद विशेष रूप से नगर क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था शून्य होने से प्रशासन की खूब किरकिरी हो रही है। समाजसेवियों द्वारा जिलाधिकारी से तत्काल अलाव जलाने की व्यवस्था कराने की मांग किया है एवं विद्यालयों को 10 बजे के बाद चलाने की मांग भी किया है जिससे मासूम बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभवकों को तकलीफ ना हो सके।
बताते चलेंकि पूरा प्रशासनिक अमला लगभग 1900 बीएलओ एवं हज़ारों सहायकों के साथ चुनाव आयोग द्वारा कराई जाने वाली ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ एसआईआर प्रक्रिया को पूर्ण करने में जुटा हुआ है जिसका 85 प्रतिशत से अधिक डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है।
बहरहाल स्थानीय लोगों ने विशेष रूप से नगरीय क्षेत्रों में अलाव जलाने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से शुरू कराने की मांग किया है जिससे राहगीरों, बुजुर्गों और गरीब तबके के लोगों को रातों में ठंड से राहत मिल सके।




