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टांडा नगर में करोड़ों की लागत से बना राजकीय सदभाव मंडप लेकिन फिर भी भटक रही है आम जनता —कागज़ों में शुरू, ज़मीन पर अब भी सन्नाटा?

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अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान-एडिटर इन चीफ-मान्यता प्राप्त पत्रकार) आम जनता की सुविधा के नाम पर सवा दो करोड़ से अधिक की लागत से तैयार सरकारी मैरेज हाल पिछले एक वर्ष से विवादों में घिरा हुआ है। एक तरफ भवन का उद्घाटन नहीं हुआ, दूसरी तरफ अधिकारियों के दावे अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। इससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।


जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटे लाल ने बताया कि सीएनडीएस के माध्यम से निर्मित लगभग 2.34 करोड़ रुपये की लागत से मीरानपुरा स्थित राजा का मैदान (रज़ा पार्क) में आधुनिक मैरेज हाल का निर्माण कराया गया। निर्माण पूरा होने के बाद 01 अप्रैल 2025 को इसे नगर पालिका परिषद टांडा को हैंडओवर कर दिया गया, अब संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। लेकिन इसके बाद भी आम जनता के लिए इसे सुचारू रूप से शुरू नहीं किया गया।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में इस भवन का नाम “राजकीय सदभाव मंडप” रखा गया और प्रति बुकिंग 3100 रुपये शुल्क तय किया गया। इसके बावजूद लंबे समय तक संचालन स्पष्ट न होने से लोगों को निजी मैरेज हालों की महंगी बुकिंग करनी पड़ रही है।
वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका टांडा के प्रभारी ईओ नीरज गौतम ने दावा किया कि राजकीय सदभाव मंडप शुरू हो चुका है, इच्छुक लोग रसीद कटवाकर बुकिंग करा सकते हैं हालांकि कई गरीब परिवारों का दावा है कि बुकिंग के लिए नगर पालिका का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी रशीद नहीं काटी जा रही है।
दोनों अधिकारियों के बयानों के बीच जमीनी हकीकत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंडप शुरू हो चुका है तो व्यापक जानकारी, बोर्ड, बुकिंग व्यवस्था और सार्वजनिक सूचना क्यों नहीं दिखाई दे रही।
गौरतलब है कि इसी स्थान पर पहले संचालित रज़ा मैरेज हाल मात्र 1000 रुपये में उपलब्ध था। नया भवन बनने के बाद पुरानी सुविधा समाप्त हो गई, लेकिन नई व्यवस्था स्पष्ट न होने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नगर के बीचों-बीच स्थित करोड़ों की लागत से बने इस मैरेज हाल को लेकर अब सवाल यही है कि क्या यह मंडप वास्तव में शुरू हुआ है या फिर सिर्फ दावों में ही संचालित हो रहा है।

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