अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर – मान्यता प्राप्त पत्रकार) टाण्डा नगर पालिका द्वारा लागू हाउस व वॉटर टैक्स गत डेढ़ दशक से राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है और कई निकाय चुनाव को हाउस टैक्स के नाम भी समर्पित किया जा चुका है लेकिन स्थानीय लोगों को तनिक लाभ नहीं मिल सका। टाण्डा चेयरमैन शबाना नाज़ ने भी अपने चुनावी एजेंडे में हाउस टैक्स प्रकरण को प्राथमिकता दिया था। श्रीमती शबाना का दावा है कि उक्त वादों के सापेक्ष टैक्स के जानकारों से लगातार राय ली जा रही है और इसी क्रम में कई बार विभागीय पत्राचार किया जा चुका है। श्रीमती शबाना ने दावा किया कि हाउस टैक्स के कर्ज में डूबी स्थानीय जनता को राहत दिलाने का हर प्रयास किया जाएगा। श्रीमती शबाना द्वारा प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजते हुए मांग की गई है कि गृहकर जलकर बकाये के भुगतान के लिए ओटीएस सुविधा लागू की जाए जिसमें सरचार्ज को समाप्त करने की गोहार लगाई है।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर पालिका परिषद द्वारा वर्ष 2010 में हाउस टैक्स स्वत: कर निर्धारण नियमावली को गजट कराते हुए प्रभावी किया गया था लेकिन तथाकथित नेताओं द्वारा लगातार स्थानीय लोगों में हाउस टैक्स को समाप्त होने की भ्रांतियां फैलाई गई थी जिसके कारण काफी संख्या में लोगों ने हाउस टैक्स नहीं जमा किया जबकि नियमावली के अनुसार प्रति वर्ष 20 प्रतिशत अधिभार जुड़ कर पुनः मूल धन के रूप में परिवर्तित होता गया और अधिकांश लोग बकायेदार होते चले गए। जिन भवन स्वामियों द्वारा स्वत: कर का निर्धारण नहीं किया गया उनके भवनों का नगर पालिका ने नियमावली के अनुसार कर निर्धारण कर दिया जो आ लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया।
स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान टाण्डा नगर वासियों पर हाउस व वॉटर टैक्स बकाये को राजनीति भी की गई लेकिन बकायदारों की पीड़ा तनिक कम नहीं हुई।
टाण्डा नगर पालिका चेअरमैन शबाना नाज़ द्वारा प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिख कर सरचार्ज समाप्त करते हुए एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की मांग किया है जिससे नगर पालिका की आय में वृद्धि भी होगी और एक बहुत बड़ी आबादी को बकाये से राहत मिलेगी।