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औद्योगिक नगरी में आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है कांशीराम शहरी आवास कॉलोनी का मामला

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अम्बेडकरनगर: औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा की चाय खानों व बैठकों में इस समय सबसे अधिक चर्चा मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कॉलोनी की चला रही है जहां उच्च अधिकारियों के सख़्त निर्देश पर स्थानीय प्रशासन अवैध कब्जेदारों से भवन खाली कराकर मूल आवंटितों को सौंप रहा है।
मूल आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने के लिए नायब तहसीलदार राहुल सिंह को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। आवास विकास के अधिकारियों, नगर पालिका की टीम व पुलिस प्रशासन के साथ नायब तहसीलदार ने शनिवार को दर्जनों भवनों से अवैध कब्जेदारी को हटवाते हुए मूल आवंटितों को भवन में प्रवेश कराया। इस दौरान पल पल की जानकारी उपजिलाधिकारी अभिषेक पाठक प्राप्त करते रहे तथा मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कालोनी का स्वयं कई बार चक्कर लगाया तथा अवैध कब्जेदारों से सहयोग की अपील किया।
एक तरफ शासन की मंशानुसार जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के आदेश व उपजिलाधिकारी अभिषेक पाठक के निर्देश पर नायब तहसीलदार राहुल सिंह आवास विकास व नगर पालिका टीम के साथ अवैध कब्जेदारों को बेदखल कर मूल आवंटितों को भौतिक कब्जा दिला रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ उक्त आवासों में वर्षों से रहने वाले दर्जनों ऐसे परिवार हैं जिनके पास ना तो कहीं भी भूमि है और ना ही किसी रिश्तेदार के वास सर छुपाने की तनिक जगह ही है। बताते चलेंकि एक तरफ वर्षों से भौतिक कब्जा पाने के लिए दर बदर भटक रहे लोगों को छत नसीब हो रही है जिससे उनके चेहरों पर गहरी मुस्कान आ रही है तो दूसरी तरफ बेदखल हुए परिवार अपने जीवन में तिनका तिनका जोड़ कर बनाए घरेलू सामानों को बरसात में सड़ता हुआ देख कर खून के आंसू बहा रहे हैं। दर्जनों ऐसे परिवार हैं जिनकी व्यवथा सुनकर हर किसी का दिल पसीज ही जाएगा लेकिन उनके हाथ मे आवंटन पत्र ना होने के कारण कोई कुछ भी करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है।
वर्षों से अवैध रूप से रहने वाले परिवारों के सामने बड़ी अचानक मुश्किल आ गई है। कई परिवारों ने सूचना न्यूज़ से वार्ता करते हुए कहा कि कई बार भवन खाली कराने की टीमें आई लेकिन होहल्ला के बाद बैरंग लौट गई लेकिन इस बार प्रशासन पूरी सख्ती से भवनों को खाली करा था है जो उनकी उम्मीद से परे है इसलिए उनके सामने मुश्किलें आ गई है।
जनचर्चा है कि मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कॉलोनी में बहुत से ऐसे लोग है जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ उठाया है और बहुत से ऐसे लोग भी कब्जा ले रहे हैं जिनके पास रहने की पहले से ही सुविधा है लेकिन लाटरी सिस्टम में उनका नाम आ गया था। टाण्डा नायब तहसीलदार राहुल सिंह ने कहा कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर सर्वप्रथम मूल आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने का काम किया जा रहा है और उसके बाद गलत ढंग से आवंटन कराने वालों की जांच कर उन्हें भी बेदखल किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन को पहले अवैध रूप से रहने वालों की वैकल्पिक व्यवथा कर देनी चाहिये और मूल आवंटितों को कब्जा दिलाने के बाद बचे भवनों में उन्हें अग्रिम आवंटन तक रहने की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए थी हालांकि मौजूदा समय में अवैध कब्जेदारों ने अब ये मान लिया है कि वर्षों से रह रहे भवनों को अब उन्हें छोड़ना ही पड़ेगा।
बहरहाल आजकल औद्योगिक नगरी टाण्डा में मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कॉलोनी में मूल आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने का कार्य प्रशासन द्वारा किया जा रहा है जिसके कारण बेदखल हुए काफी परिवार जिनके पास कुछ भी नहीं है वो हैरान व परेशान इधर उधर भटक रहे हैं और इन बातों की चायखानों में चर्चाएं चल रही है।I

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