अम्बेडकरनगर: औद्योगिक बुनकर नगरी टाण्डा के छज्जापुर में “एक शाम ईद की खुशियों के नाम” के तहत आयोजित भव्य ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन ने अदब की ऐसी महफ़िल सजाई कि पूरी रात शेर-ओ-शायरी की बारिश होती रही और हर कलाम पर ‘वाह-वाह’ की गूंज देर तक सुनाई देती रही। टाण्डा मुशायरा 2026 में सभी शायरों को सुनने के लिए इस■■को टच करें। देशभर से आए नामचीन शायरों और कवियों ने अपने असरदार अंदाज़ में ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रोता रातभर कुर्सियों से उठना ही नहीं चाहते थे।

कार्यक्रम की सरपरस्ती मदरसा मंजरे हक के प्रबंधक हाजी अशफाक अंसारी ने की, जबकि अध्यक्षता डॉ. दस्तगीर अंसारी ने की। मुख्य अतिथि टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा रहे। मुशायरे की शुरुआत होते ही शायरों के लाजवाब अशआर पर तालियों की गड़गड़ाहट और ‘वाह-वाह’ की आवाज़ ने माहौल को पूरी तरह अदबी रंग में रंग दिया।
देर रात तक चले इस शानदार आयोजन में श्रोताओं का जनसैलाब उमड़ा रहा। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ पड़ोसी जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रोता मुशायरा सुनने पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

मुशायरे में उस्मान मीनाई लखनवी, शगुफ्ता लखनवी, सहर अंजुम बाराबंकवी, हिमांशी बावरा मेरठ, हामिद कमर जलालपूरी, सलीम हमदम रुदौली, डॉ. हसीन हैदर जौनपुरी, सलमान ज़फर हरदोई, सलीम नागपूरी, दानिश अकबरपूरी, अहमद सईद, हलचल टाण्डवी, हकीम इरफान आज़मी, कुमैल सिद्दीकी डोंडवी, इरशाद अकबरपूरी, हकीम हसन बारसी किछौछा, तालिब रहमानी, कमर जीलानी सहित कई शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश किए।
हिमांशी बावरा मेरठ, सलमान ज़फर हरदोई और उस्मान मीनाई लखनवी ने खास तौर पर अपने दमदार अशआर से महफ़िल लूट ली और श्रोताओं को बार-बार दाद देने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान नेत्र सर्जन डॉ. अतीक आलम को विशेष सम्मान दिया गया। वहीं सूचना न्यूज के एडिटर व हेल्प प्वाइंट एनजीओ के संस्थापक फखरे आलम खान को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुशायरे का सफल संचालन मास्टर असलम खान ने अपने बेहतरीन अंदाज़ में किया। अंत में कन्वीनर इंसाफ टाण्डवी ने सभी अतिथियों, शायरों और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुशायरे के यादगार अशआर, शानदार संचालन और श्रोताओं की भारी मौजूदगी ने इस आयोजन को टाण्डा के सांस्कृतिक इतिहास की यादगार रात बना दिया — जहां अदब, इश्क और ईद की खुशियों का खूबसूरत संगम देखने को मिला।








