बलिया (रिपोर्ट- अखिलेश सैनी) जनपद की महत्वपूर्ण तहसीलों में शुमार रसड़ा तहसील इन दिनों शासन-प्रशासन की उदासीनता की शिकार होकर रह गयी है। आलम यह है कि यहां दो माह बाद भी तहसीलदार की नियुक्ति नहीं होने से जहां फरियादियों सहित अधिवक्ताओ में आक्रोश गहराता जा रहा वहीं हजारों फाइलें जहां धूल फांक रही हैं और लोगों को समय से आय, जाति व निवास नहीं मिलने वे काफी बेवश व लाचार दिखाई पड़ रहे हैं। दो माह पूर्व यहां प्रभात कुमार सिंह तहसीलदार के रूप में कार्यरत थे किंतु उनका स्थानांतरण झांसी जनपद के लिए हो जाने तथा जिलाधिकारी की नजर रसड़ा तहसील पर नहीं पड़ने से न्यायिक फाइलों के साथ-साथ अन्य फाइलें अब धूल फांकती दिख रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा रसड़ा तहसीलार की नियुक्ति में किए जा रहे विलंब से बढ़ रहे आक्रोश कहीं आंदोलन का रूख अख्तियार न कर लें इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता।
तहसीलदार विहीन तहसील में दरबदर भटकने को मजबूर हैं फरियादी – अधिवक्ताओं में भी आक्रोश


