अम्बेडकरनगर: दबंगों से भयभीत महिला अपने ही घर में कैद होने पर मजबूर हो गई है। महिला का कसूर सिर्फ इतना ही है कि उसने अपनी खतौनी की भूमि से नाला निकाले जाने का विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी मिलने शुरू हो गई। दो बच्चों के संग अकेली रह रही महिला ने अपने परिचित के माध्यम से पुलिस कप्तान को पत्र भेज कर जान माल की सुरक्षा की गोहार लगाई है।
मामला टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामपुर कलां का बताया जा रहा है। गाँव निवासी अवधेश उपाध्याय रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं और उनके गाटा संख्या 1357 पर गत 24 मई को नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की सूचना पर उनकी धर्मपत्नी मनोरमा उपाध्याय ने पहुंच कर डायल 112 के माध्यम से काम बंद करवा दिया। मनोरम द्वारा पुलिस बुला कर नाला निर्माण कार्य रुकवाने से नाराज़ ठेकेदार एवं उनके सहयोगियों को काफी बुरा लगा और एक के बाद एक धमकी मिलने शुरू हो गई जिससे भयभीत मनोरमा अपने ही घर में कैद हो कर रह गई। मनोरम ने बताया कि 10 से 12 की संख्या में विपक्षियों की पहुंच बहुत ऊपर तक है, उनके परिवार में सीओ, इंस्पेक्टर आदि हैं जिससे पुलिस ठोस कार्यवाही करने से कतरा रही है जबकि उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। मनोरम ने दावा किया कि अपने शुभचिंतक के माध्यम से पुलिस कप्तान को डाक से पत्र भेज कर जान माल की गोहार लगाई है।
बहरहाल बरसात से पूर्व जिला पंचायत के माध्यम से रामपुर कलां ने बनने वाले नाले को गाटा नंबर 1357 से ले जाने की अनुमति खतौनी धारक से नहीं प्राप्त की गई है तथा डायल 112 की मदद से निर्माण कार्य रुकवाने पर परिवार को समाप्त करने की धमकी भी मिल रही है जिससे दो बच्चों के साथ अकेली रहने वाली मनोरम उपाध्याय भयभीत हो कर अपने ही घर में कैद हो कर एसपी को पत्र भेज कर जान माल के रक्षा की गोहार लगाई है जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चाएं भी हो रही है।




