अम्बेडकरनगर: जलालपुर तहसील के सिंचाई विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। आए दिन कार्यालय बंद रहने की जानकारी होने पर पहुंची मीडिया टीम ने शुक्रवार को जिलेदारी चतुर्थ उपखंड, जलालपुर के सिंचाई विभाग कार्यालय की पड़ताल करने पहुंची, तो पाया कि कार्यालय पूरी तरह से बंद था और कोई भी कर्मचारी न तो कार्यालय और न परिसर के आस-पास मौजूद थे। करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद जब सहायक अभियंता नागेंद्र कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि “आज एक कर्मचारी को चोट लगी है और अन्य सभी को कार्यालय में मौजूद होना चाहिए।”
थोड़ी देर बाद वरिष्ठ लिपिक राजेश कुमार पांडे और मुंशी प्रदीप कुमार वर्मा कार्यालय पहुंचे। राजेश कुमार पांडे ने बताया कि कार्यालय में जिलेदार विजय लाल श्रीवास्तव, लिपिक रवि वर्मा, लिपिक बरकुत निशा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धीरेंद्र प्रताप सिंह, सेवाती और ओमप्रकाश तैनात हैं।जब नागेंद्र कुमार से अन्य कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया “सेवाती डाक लेकर गए हैं, ओमप्रकाश छुट्टी पर हैं, बाकी को कार्यालय में होना चाहिए था।” वहीं, खुद उनकी गैरहाजिरी पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह टांडा में जांच के सिलसिले में आए हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छपने के शर्त पर बताया कि यह कार्यालय अक्सर बंद ही रहता है। “कभी-कभार सुबह या शाम को खुलता है, वो भी तब जब कोई बड़ा अधिकारी आने वाला हो। आम दिनों में तो सप्ताह सप्ताह भर भी ताला नहीं खुलता।
उच्चाधिकारियों की अनदेखी और उदासीनता के कारण कार्यालय पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी मनमानी तरीके से कार्यालय को खोलने और बंद करते हैं जो कर्मचारियों के कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाती है और कार्यालय प्रतिदिन न खुलने पर सवाल पूंछने पर नित नया बहाना भी बनाया जाता है जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।




