बलिया (रिपोर्ट अखिलेश सैनी) रसड़ा सभी धर्मों का सार प्रेम, दया, सद्भाव है और ये ही मानवीय सद्गुण हैं। जिसको प्राप्त करने का संदेश हमें सभी धर्म देते हैं, ऐसे में धर्मों में किसी तरह का आपसी विभेद नहीं। अपितु सामंजस्य एवं सद्भाव सन्नहित है। जेवईनिया गांव स्थित श्री पिंग्लेश्वर महादेव मंदिर के पांचवे स्थापना दिवस पर आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह के अंतिम दिन मंगलवार की सायं श्रद्धालु जनों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथावाचक देवदत्त पारासर जी महराज ने हजारों श्रद्धालुआें को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। पांच दिवसीय पूजनोत्सव एवं सत्संग समाप्ति के बाद विशेष हवन-पूजन का आयोजन कर लोक मंगल की कामना की गईं जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु जनों ने भाग लिया। तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जो कार्यक्रम संयोजक मंडल के घनश्याम सिंह, राणासंजीव सिंह, अजय सिंह, अभिमन्यु सिंह, गोलू साहनी, आकाश, शिवम, सानू, इंद्रजीत, प्रमोद, बिरजु के देख-रेख में जेवईनिया, प्रधानपुर, कोटवारी, डेहरी, लबकरा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों से आये महिला एवं पुरूष हजारों श्रद्धालु ने भंडारे में सम्मलित होकर प्रसाद ग्रहण किया।
श्री पिंग्लेश्वर महादेव मंदिर के पांचवे स्थापना दिवस पर आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह


