अम्बेडकरनगर: विश्व विख्यात दरगाह किछौछा में स्थित विश्व स्तरीय खानकाह हसनिया सरकारे कलां (जामे अशरफ) में परचम कुशाई (ध्वजारोहण) कर चार दिवसीय 639वें उर्से मखदूमी का भव्य आगाज़ किया गया।
विश्व स्तरीय खानकाह हसनिया सरकारे कलां के सज्जादानशीन पीरे तरीकत अल्लामा मौलाना सैय्यद शाह महमूद अशरफ अशरफी अल जिलानी ने अशरफी ध्वज फहराया कर उर्से मखदूमी का आगाज़ किया। आध्यात्मिक इलाज़ के लिए विश्व विख्यात दरगाह किछौछा में स्थित प्रसिद्ध खानकाह अशरफिया हसनिया सरकारे कलां (जामे अशरफ) में 639वें उर्से मखदूमी 2025 का शुभारंभ परम्परानुसार 26 मोहर्रम अर्थात 22 जुलाई मंगलवार को परचम कुशाई के साथ आगाज़ किया गया। उक्त मौके पर पवित्र हदीस बुखारी शरीफ के अंतिम पाठ का व्यख्यान कर दुआ मांगी गई और बाद नमाज़ मगरिब परम्परानुसार हल्का ए ज़िक्र आयोजित हुआ और पूर्व वर्षों की तरह रात्रि जलसा का कार्यक्रम जारी रहा।
उर्से मखदूमी के आगाज़ के अवसर पर मुख्य रूप से अल्लामा मौलाना सैय्यद मो.अशरफ अशरफी अल जिलानी किछौछवी, अल्लामा मौलाना सैय्यद आरफ अशरफ अशरफी अल जिलानी, सैय्यद मकसूद अशरफ अरशद मियां किछौछवी, सैय्यद हसन अशरफ, सैय्यद गौस अशरफ, सैय्यद हम्माद अशरफ, सैय्यद मोहामिद अशरफ आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। उक्त अवसर पर जामे अशरफ के छात्रों द्वारा अशरफी तराना भी पढ़ा गया जिसकी खूब सराहना हुई।
बहरहाल अंतर्राष्टीय ख्याति प्राप्त खानकाह हसनिया सरकारे कलां (जामे अशरफ) में चार दिवसी उर्स ए मखदूमी का परचम कुशाई के साथ आगाज़ किया जा चुका है और 639वां उर्से मखदूमी काफी धूमधाम से मनाया जा रहा है।