दरगाह किछौछा में लिबास-ए-गौसिया का दर्शन कर मांगी गई दुआ
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार-8090884090) विश्व विख्यात दरगाह सैय्यद सुल्तान शाह मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के 639वें उर्स मुबारक दरगाह किछौछा में काफी धूम से मनाया गया। खानकाहे अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ में इस्लामिक तबर्रुकात के दर्शन व रूह को तड़पने वाली विशेष दुआ में शामिल होने के लिए देश के कोने कोने से जायरीन आये हुए थे। 
हुजूर कायदे मिल्लत अल्लामा सैय्यद महमूद अशरफ अशरफी उल जिलानी अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ द्वारा अंतिम दुआ के बाद 639वें वार्षिक उर्स के समापन का एलान किया और जायरीनों को अपने घरों पर लौट जाने का निर्देश भी दिया।
बताते चलेंकि 26 मोहर्रम यानी 22 जुलाई मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खानकाह अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ में सज्जदनशीन अल्लामा सैय्यद महमूद अशरफ के हाथों परचम कुशाई कर उर्से मखदूमी का आगाज़ किया गया था। खानकाहे अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ में खत्म बुखारी शरीफ, कुरआन ख्वानी, कुल फातिहा, हल्का ए ज़िक्र, महफिले समा, सिजरा ख़्वानी के साथ विशेष दुआ ख़्वानी के कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी नज़र आई।
याद दिलाते चलेंकि सज्जदनशीन सैय्यद महमूद अशरफ द्वारा पूर्व कई वर्षों से उर्स के अवसर पर महिलाओं को आने से मना किया जाता है जिसके कारण खानकाहे अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ में पुरुषों की काफी भीड़ उमड़ी रही, जहां जायरीनों ने गिड़गिड़ाने हुए दुआएं व मन्नते मांगी।
उर्से मखदूमी के अवसर पर खानकाहे अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ में आये जायरीनों ने इस्लामिक तबर्रुकात में शामिल मुये मुबारक, कदमे रसूल, मौला अली का मुये मुबारक, गौस पाक का मुये मुबारक, खातून ए जन्नत की चादर का टुकड़ा, इमाम हसन की पगड़ी का टुकड़ा सहित लिबास ए गौसिया की भी जियारत करते हुए रूह को तड़पने वाली दुआ में शामिल हुए और अंतिम दुआ के बाद अल्लामा सैय्यद महमूद अशरफ अशरफी उल जिलानी सज्जादानशीन खानकाहे अशरफिया हसनिया सरकारे कलां दरगाह किछौछा शरीफ ने 639वें उर्से मखदूमी के समापन का एलान किया। 639वें उर्से मखदूमी के उक्त कार्यक्रमों में मुख्य रूप से सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, सैयद निज़ामुद्दीन अशरफ़, सैयद अहसान अशरफ, सैयद ग़ौस अशरफ़, सैयद आरफ अशरफ, सैयद हम्माद अशरफ, सैय्यद मकसूद अशरफ अरशद मियां, सैय्यद महमूद अशरफ, सैय्यद मोहामिद अशरफ आदि शामिल रहे।




