दो दशक से टांडा नगर अध्यक्ष रहे सैय्यद कसीम अशरफ ने मुसीबत के समय साथ छोड़ने का लगाया गंभीर आरोप
अम्बेडकरनगर। समाजवादी पार्टी में अंदरूनी कलह अब खुलकर सतह पर आ गई है। टांडा के नगर अध्यक्ष सैय्यद कसीम अशरफ ने पद से इस्तीफा देकर संगठन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पार्टी में बढ़ती गुटबाजी और अपने खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे में किसी भी पदाधिकारी द्वारा साथ न देने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारी छोड़ दी।

जिला अध्यक्ष को भेजे इस्तीफा पत्र में कसीम अशरफ ने लिखा कि वह करीब 20 वर्षों से टांडा नगर अध्यक्ष के रूप में पार्टी की सेवा कर रहे थे, लेकिन पिछले तीन वर्षों में हालात इतने बिगड़ गए कि काम करना मुश्किल हो गया। उन्होंने साफ कहा कि संगठन में गुटबाजी चरम पर है और उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने चुप्पी साधे रखी।
इस्तीफे में उन्होंने तीखा संदेश देते हुए कहा कि वह पद छोड़ रहे हैं, लेकिन पार्टी से दूरी नहीं बना रहे। आगामी चुनाव में टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा के साथ पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे। साथ ही जिला नेतृत्व से तत्काल इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की है।
लंबे समय से पद पर काबिज नेता के अचानक इस्तीफे से स्थानीय सियासत में हलचल तेज हो गई है। संगठन के भीतर खींचतान, गुटबाजी और नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह इस्तीफा आने वाले दिनों में सपा की अंदरूनी राजनीति को और गरमा सकता है।








