अम्बेडकरनगर: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत गरीब और बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही योजना में ग्राम पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। ग्राम चितई पट्टी के दर्जनों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने अपने चहेतों को बिना पात्रता के योजना का लाभ दिया जबकि जो वास्तविक रूप से झोपड़ी और कच्चे मकान में रह रहे हैं, उन्हें जानबूझकर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। ग्राम निवासी रोहित, रामप्रसाद, गीता देवी, शंभू यादव समेत कई लोगों ने बताया कि सर्वेक्षण के बाद मार्च महीने में लिस्ट तैयार की गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी पात्र लोगों के नाम जोड़ने के बजाय उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, परन्तु उसके बाद भी ग्राम प्रधान और सचिव ने दुर्भावना के चलते उनका नाम जानबूझकर सूची में शामिल नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे लोगों को आवास का लाभ दिया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान, ट्रैक्टर-ट्रॉली, और कृषि योग्य भूमि है। यह पूरी प्रक्रिया योजना के नियमों और मंशा के खिलाफ है। गांव के लोग मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए, अपात्र लाभार्थियों की सूची रद्द कर असली गरीबों को लाभ दिलाया जाए। उक्त संबंध एडीओ पंचायत बृजेश तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगाया गया आप गलत है यदि कोई व्यक्ति पात्र है तो अपने ब्लॉक में अपना आधार कार्ड आय प्रमाण पत्र बैंक पासबुक सहित अन्य डॉक्यूमेंट जमा कर दे जिसे सूची में शामिल कर इसका लाभ दिया जा सके।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश




