हाउस व वॉटर टैक्स की नवीन नियमावली के लिए गठित 07 सदस्यीय टीम की पेश की जाएगी आख्या रिपोर्ट
टांडा चेयरमैन शबाना नाज़ ने शासन से की कर निर्धारण अधिकारी व राजस्व निरीक्षक के रिक्त पद को भरने की मांग
अम्बेडकरनगर: नगर पालिका परिषद टांडा के साधारण सभा की बोर्ड बैठक आगामी बुधवार को आहूत की गई है जिसमें हाउस व वाटर टैक्स के लिए गठित सात सदस्यीय टीम की रिपोर्ट आख्या भी पेश की जाएगी। दूसरी तरफ नगर पालिका अध्यक्ष शाबान नाज़ द्वारा नवीन हाउस व वाटर टैक्स की नई दर के निर्धारण हेतु रिक्त कर निर्धारण अधिकारी व राजस्व निरीक्षक के पद को भरने की मांग की गई है।
बताते चलेंकि टांडा नगर पालिका परिक्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी द्वारा शासन की मंशा पर पुराने हाउस टेक्स व वाटर टेक्स की दर में बदलाव करने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर आपत्तियां मांगी गई थी जिसमें नगर क्षेत्र के हज़ारों लोगों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गई थी। उक्त आपत्तियों में से 10 प्रतिशत आपत्तियों की सुनवाई कर नई सूची लागू करने की प्रक्रिया के बीच चेयरमैन शबाना नाज़ ने ईओ के उक्त विज्ञापन को स्थगित कर दिया और कहा कि बिना बोर्ड में प्रस्ताव लाये हुए नगर वासियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा। उक्त मामले जब बोर्ड में पहुंचा तो सभासदों ने सर्वसम्मति से चेयरमैन शबाना नाज़ को अधिकृत कर दिया लेकिन शबाना नाज़ ने विधिक राय लेते हुए सात सदस्यीय कमेटी गठित कर रिपोर्ट आख्या तलब कर लिया। बुधवार को होने वाली बोर्ड बैठक में समिति की रिपोर्ट आख्या पेश की जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष शबाना नाज़ ने शासन को पत्र भेज कर बताया कि शासन नवीन गृहकर व जलकर दर पर वसूली करना चाहता है लेकिन कर निर्धारण अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए हैं और राजस्व निरीक्षक का भी भी एक पद रिक्त है जिसके कारण नवीन गृहकर व जलकर दर का निर्धारण नहीं हो या रहा है जिसके लिए कर निर्धारण अधिकारी व राजस्व निरीक्षक की तैनाती की जाए।
बहरहाल टांडा नगर पालिका में हाउस व वॉटर टैक्स को लगभग डेढ़ दशक पूर्व लागू किया गया था और तब से ही लगातार विवाद जारी है लेकिन इस बीच नवीन गृहकर व जलकर सूची के प्रकाशन से स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा हो गया जिसके लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई और चेयरमैन शबाना नाज़ द्वारा शासन से कर निर्धारण अधिकारी व राजस्व निरीक्षक के पद को भरने की मांग की गई जिससे जल्द से जल्द हाउस व वॉटर टेक्स का मुद्दा समाप्त किया जा सके। आगामी बोर्ड बैठक में देखने वाली बात होगी कि गठित समिति ने क्या रिपोर्ट पेश किया है जिससे स्थानीय नागरिकों को लाभ अथवा राहत मिल सकेगी।




