अम्बेडकरनगर: बसखारी थाना व नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा संख्या 45/26 दर्ज कर लिया है। मामले में 5 नामजद आरोपियों के साथ 10–15 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर बीएनएस की धारा 303(2) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 2 व 3 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि सरकारी नाली निर्माण कार्य में बाधा डालते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
तेजस इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर राकेश कुमार ने बताया कि पंचायत अशरफपुर किछौछा वार्ड संख्या 14 मन्दिर से पश्चिम मनोज के घर से उत्तर तक नाली व सीसी निर्माण कार्य का सरकारी धन से उक्त कार्य कराया जा रहा था, जिसपर भागीरथी गौड़ पुत्र अज्ञात व राहुल गौड़ पुत्र भागीरथी गौड़ निवासी बसखारी द्वारा विगत 03 दिनो से अपने गुर्गों के साथ विवाद उत्पन्न कर उक्त कार्य में अवरोध कर कार्य को बाधित किया गया, उक्त मामले को नगर पंचायत को सूचित कर प्रशासन की उपस्थिति में 28 फरवरी को उक्त कार्य पूर्ण कराया गया। कार्य उपरान्त उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा अपने गुर्गों से 28 फरवरी की रात्रि लगभग 11 बजे कार्तिक पाटिल उर्फ रामचन्द्र मुलीक पुत्र अज्ञात, प्रेम पाटिल, प्रतीक पाटिल पुत्रगण कार्तिक पाटिल नि० बसखारी व 10-15 अज्ञात लोगों द्वारा गोलबंद होकर उक्त सरकारी नाली को जानबूझकर अवैध रूप से तोड़ दिया गया, जिसका साक्ष्य स्वरूप वीडियो प्रार्थी के पास मौजूद है, जो कि सोशल मीडिया व इलेक्ट्रानिक मीडिया पर भी प्रसारित है। उक्त कृत्य से न केवल सरकारी सम्पत्ति को क्षति पहुंची है, बल्कि मेरे द्वारा कराये गये विधिवत कार्य को भी नुकसान पहुंचाया गया है, और वहां पर मौजूद प्रार्थी के नाली व सड़क निर्माण कार्य से सम्बन्धित उपकरण जैसे कि गैता 02 अदद, पटिया ढ़लाई का जाल 11 अदद चोरी कर उठा ले गये और ठेला भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि मौके पर मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य को रोकते हुए सरकारी संरचना को क्षति पहुंचाई, जिससे न केवल सरकारी धन का नुकसान हुआ बल्कि कानून-व्यवस्था को भी चुनौती दी गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नामजद आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थाना स्तर पर दर्ज इस मुकदमे ने इलाके में हलचल बढ़ा दी है, वहीं प्रशासन ने साफ संदेश दिया है—सरकारी कार्य में बाधा और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








