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टाण्डा की बहुचर्चित विवादित आबादी भूमि का एसडीएम ने दोनों पक्षों से मांगा साक्ष्य

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उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से 23 सितंबर को जारी नोटिस मात्र एक किमी की दूरी तय करने में लगाया 10 दिन

दावा है कि मात्र 12 घंटा पहले रात के अंधेरा में दी गई नोटिस जिससे दावेदार ना दे सके लिखित जवाब

अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह सकरावल में संचालित खैरुन्निशां हॉस्पिटल के सामने स्थित बहुचर्चित विवादित भूमि में दोनों पक्षों के साक्ष्यों के अवलोकन शुक्रवार प्रातः 10 बजे उप जिला मजिस्ट्रेट टाण्डा करेंगे जिसकी सूचना नोटिस के माध्यम से गुरुवार रात्रि में वादी पक्ष को सौंपी गई है। गत 23 सितम्बर को उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय टाण्डा से 23 सितंबर को जारी धारा 164(1) की नोटिस ने एक किमी की दूरी तय करने मर 10 दिन लगा दिया।


वादी पक्ष श्याम शर्मा पुत्र स्व.केशव राम का दावा है कि गुरुवार देर रात्रि में उनको नोटिस सौंपी गई है और शुक्रवार सुबह 10 बजे उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर क्षेत्र में सकरवाल पुलिस चौकी से मात्र चन्द कदम की दूसरी पर हिंदुस्तान मैरेज हाल के बगल स्थित की आबादी भूमि गाटा संख्या 1045/2 नान जेड ए पर सरफ़राज़ अहमद पुत्र महबूब अहमद आदि का पॉवर लूम कारखाना व परती भूमि है जिस पर श्याम शर्मा पुत्र स्व.केशव राम का दावा है कि उक्त भूमि पर उनका पैतृक हक है क्योंकि उक्त भूमि सरकारी दस्तावेज़ में उनके दादा के नाम खेवट के रूप में दर्ज है। श्याम शर्मा का दावा है कि सरफ़ाज़ अहमद आदि द्वारा अपनी बैनामा भूमि की आड़ में उनकी 06 बिस्वा पुस्तैनी भूमि पर भी जबरन कब्ज़ा कर लिया है।
बताते चलेंकि उक्त भूमि विवाद का मामला दो विपरीत समुदाय से जुड़ा होने के कारण टाण्डा कोतवाली पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 164 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 145) के तहत कार्यवाही कर उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी रिपोर्ट भेज दिया था। उक्त मामले की सुनवाई के लिए बीएनएसएस की धारा 164(1) के तहत उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शुक्रवार प्रातः 10 बजे का समय निर्धारित कर दोनों पक्षों को लिखित साक्ष्य पेश करने को कहा है। टाण्डा उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से गत 23 सितंबर को जारी नोटिस 03 अक्टूबर की देर रात्रि में वादी पक्ष को सौंपी गई जो नगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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