WhatsApp Icon

नोडल अधिकारी श्रीमती नेहा जैन ने विभिन्न योजनाओं की किया समीक्षा, डीएम सीडीओ सहित सभी अधिकारी रहे मौजूद

Sharing Is Caring:

 

अम्बेडकरनगर: शुक्रवार को नोडल अधिकारी/विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक नोडल अधिकारी श्रीमती नेहा जैन की अध्यक्षता में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन, जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों एवं 50 लाख रुपए से ऊपर की विकास परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा किया।
बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 571 योजनाएं हैं, जिसमें 1573 राजस्व गांव सम्मिलित हैं, इसमें 316569 गृह संयोजनों के सापेक्ष अब तक 310459 (98.07%) गृह संयोजन कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 881 राजस्व गांवो में जलापूर्ति हो रही है, अन्य योजनाओं में कार्य प्रगति पर है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत IEC/ISA के माध्यम से जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं जिसका उद्देश्य ग्रामीण जन मानस को जल के उपयोग एवं संचय के प्रति जागरूक करना है साथ ही साथ उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। जनपद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 2604 महिला बैठक, 2612 महिला पुरुष बैठक, 2618 हैंड वॉश प्रभात फेरी, 2699 मासिक VWSC बैठक, 2654 ग्राम सभा बैठक, 9594 बाल राइटिंग गतिविधियों की गई।

उन्होंने बताया कि योजनाओं के संचालन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने और पीने के लिए सुरक्षित पानी के मापदंडों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जल सखी एवं कुशल कारीगरों को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। प्रत्येक राजस्व गांव से पांच महिलाओं को जल जांच करने का प्रशिक्षण दिया गया है। जांच हेतु प्रत्येक राजस्व गांव में FTK किट उपलब्ध कराई गई। कुल प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या 8030 है। प्रत्येक राजस्व गांव से 13 कारीगरों को प्लंबिंग, पंप ऑपरेटर, मेसन , फिटर, इलेक्ट्रीशियन आदि ट्रेड से दिया गया ताकि भविष्य में योजनाओं के रखरखाव में उनका सहयोग लिया जा सके और वह अपने गांव में रोजगार पा सके। कुल प्रशिक्षित कुशल कारीगरों की संख्या 11726 है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सभी योजनाओं में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है, कार्यस्थल पर टीपीआई एवं जल निगम के इंजीनियरों को निरंतर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में नोडल अधिकारी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत आईईसी/आईएसए को जनमानस को जल के उपयोग एवं संचय के प्रति जागरूक करने, योजना के लाभों की जानकारी देने तथा कनेक्शन से छूटे हुए परिवारों को प्रेरित कर उनका कनेक्शन करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी योजनाओं को उनकी विशिष्टियों के अनुरूप अपेक्षित समय में पूरा किया जाए।
इसके उपरांत नोडल अधिकारी महोदया द्वारा गौशाला की समीक्षा की गई। जिसमें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में संचालित अस्थाई गो आश्रय स्थलों की संख्या 29 है। जिसमे संरक्षित गोवंश 3886, बृहद गो संरक्षण केंद्रों की संख्या 04 जिसमें संरक्षित गोवंश 845, नगर पालिका /नगर पंचायत शहरी केंद्रों की संख्या 04 जिसमें संरक्षित गोवंश 281 तथा इस प्रकार कुल अस्थाई/स्थाई केंद्रों की संख्या 37 जिसमें कुल संरक्षित गोवंश 5012 हैं। वृहद गो-संरक्षण केंद्र तहसील व विकासखंड अकबरपुर निर्माणाधीन है। तथा अस्थाई गो-आश्रय स्थल पडरिया फौलादपुर विकासखंड बसखारी में निर्माणाधीन है। बैठक के दौरान नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गौशाला में ही बीमार पशुओं के लिए एक अलग से स्थान निर्धारित किया जाए जिससे उनका इलाज सही ढंग से हो सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के समस्त गौशालाओं में सीसीटीवी लगाई गई है जिसकी जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा आश्रय स्थलों में लू, गर्मी से बचाव हेतु किए गए उपायों की जानकारी दी गई।
नोडल अधिकारी श्रीमती नेहा जैन द्वारा जनपद में 50 लाख रुपए से ऊपर लागत की विकास परियोजनाओं की कार्यदाई संस्थावार समीक्षा* की गई। जिसमें समस्त कार्यदाई संस्थाओं द्वारा अपने-अपने परियोजनाओं के प्रगति और उसमें आ रही समस्याओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कीगई। इस अवसर पर नोडल अधिकारी महोदया ने धन अभाव एवं अन्य कारणों से रुके हुए परियोजनाओं की कारण सहित सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जिससे शासन स्तर पर रखकर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में शासन की प्राथमिकता कार्यक्रमों के प्रगति की स्वयं के साथ-साथ मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भी नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं में भूमि विवाद से संबंधित अधिकतर समस्याओं को निस्तारित कर लिया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए गए कार्यों का डीपीआरओ एवं खंड विकास अधिकारी के माध्यम से भी क्रॉस चेकिंग कराई जा रही है तथा प्राप्त कमियों को संबंधित कार्यदाई संस्थाओं द्वारा दूर कराया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्थिति से नोडल अधिकारी महोदया को अवगत कराया गया।
बैठक के अंत में नोडल अधिकारी द्वारा जनपद में हुए विकास कार्यों की सराहना की गई। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी पूर्ण मनोयोग से अपने कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें, अपना आचरण एवं व्यवहार अच्छा रखें, सभी कार्यों को रुचि लेकर सकारात्मक विचारधारा के साथ करें और शासन के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी के लक्ष्य को पूर्ण करने में अपना सर्वोत्तम योगदान करें।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, अधिशासी अभियंता जल निगम, सहित जल जीवन मिशन एवं कार्यदाई संस्थाओं के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

अन्य खबर

अलर्ट: 2:10 पर बम से उड़ाने की धमकी से प्रशासन में हड़कंप, पोस्ट ऑफिसों की सघन तलाशी

सील हुआ ‘मौत का सेंटर’, लेकिन बगल में खेल जारी: जलालपुर में कार्रवाई पर उठे दोहरे मापदंड के सवाल

दिनदहाड़े लूट की कोशिश का अंत: टाण्डा पुलिस ने शातिर सलीम को भेजा जेल

error: Content is protected !!

We use cookies for analytics and advertising. By continuing to use this site, you consent to our use of cookies.