अम्बेडकरनगर: जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के भरौली गांव में मंगलवार सुबह दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर जैसे ही सड़क किनारे पड़े मासूम पर पड़ी, लोग सन्न रह गए। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जन्म लेते ही एक जिंदगी इस तरह बेदर्दी से खत्म कर दी जाएगी।
कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल—आखिर किसने इतनी बेरहमी दिखाई? सूचना मिलते ही जलालपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि स्थानीय सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को यहां किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या कारण रहा।
घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि यह मामला भ्रूण हत्या या जन्म के बाद नवजात को फेंकने से जुड़ा है, तो यह समाज के नैतिक पतन की भयावह तस्वीर है। आज के दौर में जब जागरूकता और कानून दोनों मौजूद हैं, तब भी इस तरह की घटनाएं मानवता को शर्मसार कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले अकबरपुर क्षेत्र में भी एक नवजात को सड़क किनारे फेंकने का मामला सामने आया था, जहां स्थानीय दंपत्ति ने मानवता दिखाते हुए बच्चे को अस्पताल पहुंचाया था और बाद में नाबालिग मां भी बच्चे की देखभाल के लिए सामने आई थी।
भरौली की यह घटना एक बार फिर समाज से सवाल कर रही है—क्या हम इतने कठोर हो चुके हैं कि एक मासूम को जन्म लेते ही मौत के हवाले कर दें? सड़क किनारे पड़ी यह खामोश देह सिर्फ एक नवजात की नहीं, बल्कि मरती हुई संवेदनाओं और समाज की गिरती सोच की दर्दनाक कहानी बयां कर रही है।








